जालोर और सिरोही जिलों तक माही परियोजना का पानी पहुंचाने की महत्वाकांक्षी योजना को गति देने के लिए सिरोही स्थित सांसद जन सुविधा केंद्र में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। सांसद लुंबाराम चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में परियोजना के तकनीकी, भौगोलिक और जल संग्रहण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। नदियों के पानी के बेहतर उपयोग पर चर्चा बैठक में अनास, सोम, कमला और साबरमती नदियों के पानी का जालोर-सिरोही में अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने पर मंथन हुआ। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने इस बात पर चर्चा की कि पानी को दोनों जिलों तक सबसे प्रभावी तरीके से कैसे पहुंचाया जाए और किन स्थानों पर उसका संग्रहण किया जा सकता है। डीपीआर में शामिल होंगे तकनीकी सुझाव बैठक में बांधों की ऊंचाई बढ़ाने, जंवाई, कृष्णावती और लूनी बेसिन की अन्य नदियों को पुनर्जीवित करने सहित कई तकनीकी सुझावों पर गहन चर्चा हुई। इन सभी बिंदुओं को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) में शामिल करने पर भी सहमति बनी, ताकि परियोजना को अधिक प्रभावी और दीर्घकालिक बनाया जा सके। किसान संगठन और विभागीय अधिकारी रहे मौजूद बैठक में भारतीय किसान संघ, जालोर की ओर से जिलाध्यक्ष रतन सिंह, प्रांत युवा प्रमुख खीम सिंह, संभाग उपाध्यक्ष गणेशाराम, जिला मंत्री जगाराम, तहसील अध्यक्ष चक्रवर्ती सिंह तथा बागोड़ा तहसील अध्यक्ष चेलाराम और अमराराम मौजूद रहे। सिरोही से किसान संघ के जिलाध्यक्ष मावाराम चौधरी, संभाग मंत्री सुजान सिंह और केसाराम पुरोहित ने भाग लिया। सिंचाई विभाग की ओर से माही परियोजना के अधीक्षण अभियंता प्रकाश कुमार, जालोर के अधिशासी अभियंता विजेश कुमार, सहायक अभियंता महेंद्र सहित अन्य अधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहे।