जसोल स्थित श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान में सोमवार को आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह से ही राजस्थान सहित देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु जसोलधाम पहुंचे। मंदिर परिसर दिनभर जयकारों, भजन-कीर्तन और भक्तिमय माहौल से गूंजता रहा। श्रद्धालुओं ने श्री राणीसा भटियाणीसा, श्री बायोसा, श्री सवाईसिंह जी, श्री लाल बन्ना सा, श्री खेतलाजी और श्री काला गौरा भेरुजी के मंदिरों में दर्शन-पूजन कर परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। मंदिर में छप्पन भोग सेवा का पुण्य लाभ अक्षय कुमार परिवार ने प्राप्त किया। अक्षय कुमार, कैलाश कुमार के पुत्र हैं और मूल रूप से जालौर जिले के बागोड़ा के निवासी हैं। वर्तमान में उनका परिवार हैदराबाद (तेलंगाना) और मदुरई (तमिलनाडु) में निवास करता है। उन्होंने अपने वैवाहिक जीवन के शुभारंभ के उपलक्ष्य में भगवान को छप्पन भोग अर्पित किया और नवदांपत्य जीवन में सुख, समृद्धि एवं मंगल की कामना की। कन्या पूजन के साथ निभाई सनातन परंपरा धार्मिक आयोजन के दौरान लाभार्थी परिवार ने सर्व समाज की कन्याओं का विधिवत पूजन किया। कन्याओं को सम्मानपूर्वक फल, प्रसाद और अन्नपूर्णा प्रसादम् ग्रहण करवाया गया तथा दक्षिणा भी भेंट की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने भी कन्या पूजन की परंपरा में अपनी आस्था व्यक्त की और धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया। गैर नृत्य और दमामी वाद्य-वादन ने बढ़ाई आयोजन की भव्यता धार्मिक कार्यक्रम के साथ-साथ लोक संस्कृति की रंगारंग झलक भी देखने को मिली। पारंपरिक गैर नृत्य और स्थानीय दमामी कलाकारों के वाद्य-वादन ने पूरे मंदिर परिसर को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। लोक संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा के इस अनूठे संगम का श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ आनंद लिया। छप्पन भोग के दर्शन के लिए दिनभर लगी रही श्रद्धालुओं की कतार मंदिर संस्थान की ओर से लाभार्थी परिवार को वैवाहिक जीवन के शुभारंभ पर शुभकामनाएं दी गईं। छप्पन भोग के दर्शन के लिए दिनभर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और भक्ति भाव से धर्मलाभ प्राप्त किया। जसोलधाम में प्रतिदिन देशभर से पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या इस पावन धाम के प्रति लोगों की गहरी आस्था, लोकविश्वास और आध्यात्मिक महत्व को दर्शाती है।