इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई-मेन 2026 के अप्रैल सेशन के दूसरे दिन 4 अप्रैल के प्रश्न-पत्र नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (एनईपी) 2020 के अनुरूप रहे। शनिवार को परीक्षा का स्तर पहले दिन की तुलना में बेहतर और चुनौतीपूर्ण रहा। केमिस्ट्री ने विश्लेषण क्षमता की परीक्षा ली। फिजिक्स संतुलित रहा तो मैथ की गणनाओं में विद्यार्थी कई बार उलझे। केमिस्ट्री के पेपर में ‘मल्टी-कांसेप्चुअल’ और ‘स्टेटमेंट बेस्ड’ प्रश्नों ने विद्यार्थियों की मुश्किलें बढ़ाईं। एक्सपर्ट देव शर्मा के अनुसार, ऑर्गेनिक केमिस्ट्री में रिएक्टेंट, प्रोडक्ट और नेम रिएक्शंस से जुड़ी जानकारी एक साथ पूछे जाने के कारण समय अधिक लगा। सॉल्यूशंस, केमिकल काइनेटिक्स और मोल कॉन्सेप्ट से परंपरागत प्रश्न आए, लेकिन पेपर ने स्पष्ट कर दिया कि बिना गहरे विषय ज्ञान के अंक पाना संभव नहीं है। एक्सपर्ट भूपेन्द्र मिड्‌ढा के अनुसार फिजिक्स का पेपर स्तरीय एवं संतुलित रहा। इसमें मॉडर्न फिजिक्स (बाइंडिंग एनर्जी, फोटोइलेक्ट्रिक इफेक्ट), रे-ऑप्टिक्स (इमेज फॉर्मेशन), प्रॉपर्टीज ऑफ सॉलिड्स और कैपेसिटर से गुणवत्तापूर्ण प्रश्न पूछे गए। मैकेनिक्स में फ्रिक्शन, प्रोजेक्टाइल व एसएचएम और करंट इलेक्ट्रिसिटी में कॉम्बिनेशन ऑफ सेल्स के प्रश्नों ने पेपर को बैलेंस्ड रखा। मैथ्स का पेपर परंपरागत था, लेकिन अत्यधिक गणना (कैलकुलेशन) के कारण कई विद्यार्थियों के प्रश्न छूट गए। प्रोबेबिलिटी, मैट्रिक्स, डिटर्मिननेंट्स और लिमिट्स से प्रश्न पूछे गए। समय की कमी के कारण अधिकांश परीक्षार्थी वेक्टर और 3-डी जैसे महत्वपूर्ण टॉपिक के प्रश्नों को हल तक नहीं कर पाए।