झालावाड़ जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने एसआरजी अस्पताल के पुराने भवन में स्थित जिला क्षय रोग निवारण केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने भवन के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और जनसुविधाओं के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि भवन की मूल पहचान को सुरक्षित रखते हुए इसे हेरिटेज लुक में विकसित किया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां जिले की पुरानी स्थापत्य विरासत से परिचित हो सकें। अधिकारियों को दिए निर्देश कलेक्टर राठौड़ ने बताया कि पुराने भवन केवल संरचनाएं नहीं होते, बल्कि वे इतिहास, संस्कृति और विरासत के प्रतीक होते हैं। ऐसे भवनों का संरक्षण करते हुए उन्हें उपयोगी स्वरूप देना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि भवन की मरम्मत, रंग-रोगन, संरचनात्मक मजबूती और आवश्यक सुधार कार्यों के लिए विस्तृत वित्तीय प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत किया जाए, जिससे कार्य समयबद्ध रूप से शुरू हो सके। कलेक्टर ने व्यवस्थाओं का लिया जायजा निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने भवन की खिड़कियों, दरवाजों, दीवारों और अन्य संरचनात्मक व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने जिला क्षय रोग अधिकारी को निर्देश दिए कि जर्जर खिड़की-दरवाजों की मरम्मत करवाई जाए और परिसर को स्वच्छ, व्यवस्थित एवं आकर्षक बनाया जाए। साथ ही, आमजन और मरीजों की सुविधा के लिए प्रतीक्षालय में बैठने हेतु पर्याप्त बेंच, स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. संजय पोरवाल, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. मुकेश बंसल सहित अन्य डॉक्टर और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।