जयपुर के झालाना लेपर्ड रिजर्व में आज सुबह जंगल सफारी पर पहुंचे पर्यटकों को ऐसा दुर्लभ नजारा देखने को मिला, जिसने उनकी धड़कनें तेज कर दीं। लेपर्ड फ्लोरा की मादा शावक ने अपनी शिकार करने की क्षमता का शानदार प्रदर्शन करते हुए घास में दुबके जंगली खरगोश पर हमला किया। उसने पहले ही झपट्टे में उसका शिकार कर लिया। पूरा घटनाक्रम इतना तेज था कि पर्यटक कुछ समझ पाते, उससे पहले ही खरगोश शावक के जबड़े में था। गाइड सीपी सैनी ने बताया कि शावक कुछ देर तक घास के बीच बेहद शांत होकर अपने शिकार की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। जैसे ही खरगोश हल्का-सा बाहर निकला, उसने बिना कोई मौका गंवाए तेज छलांग लगाई और एक ही वार में उसे दबोच लिया। शिकार को मुंह में दबाकर वह कुछ ही क्षणों में घने झुरमुटों के बीच ओझल हो गई। इस दौरान जंगल सफारी पर मौजूद पर्यटकों ने इस पूरे दृश्य को बेहद रोमांच के साथ देखा और कैमरों में कैद किया। सीपी सैनी ने बताया कि फ्लोरा इन दिनों अपने दोनों शावकों को जंगल में शिकार करने की बारीकियां सिखा रही है। मां की निगरानी में शावक लगातार शिकार का अभ्यास कर रहे हैं और शनिवार को देखा गया यह सफल शिकार उनकी सीख का बेहतरीन उदाहरण है। इससे साफ है कि शावक अब जंगल में स्वतंत्र रूप से शिकार करने की कला तेजी से सीख रहे हैं। यह रोमांचक घटनाक्रम रिजर्व के रूट नंबर-1 और रूट नंबर-2 के बीच देखने को मिला। वन्यजीव प्रेमियों के लिए इस तरह का दृश्य बेहद खास माना जाता है, क्योंकि किसी शावक को अपने दम पर सफल शिकार करते देखना बहुत कम अवसरों पर संभव हो पाता है। बता दें कि झालाना लेपर्ड रिजर्व देश-दुनिया के वन्यजीव प्रेमियों के बीच लेपर्ड साइटिंग के लिए अपनी अलग पहचान बना चुका है। यहां अक्सर पर्यटकों को लेपर्ड और उनके शावकों की गतिविधियां देखने का मौका मिलता है। फ्लोरा और उसके शावकों की मौजूदगी इन दिनों पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है।