झालावाड़ में भाजपा महिला मोर्चा ने महिला आरक्षण बिल को लेकर कांग्रेस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। लोकसभा में महिला आरक्षण बिल गिरने के बाद से दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच इस मुद्दे पर घमासान जारी है। भाजपा महिला मोर्चा ने कांग्रेस को महिला विरोधी बताया है। सांसद कार्यालय में हुई पत्रकार वार्ता में महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष रंजीता पांडे ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और उसके नेता बिल को पारित होने से रोककर निम्न स्तर की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि आने वाले चुनावों में महिलाएं कांग्रेस का नामोनिशान मिटा देंगी। पांडे ने प्रधानमंत्री के महिला सशक्तिकरण में सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि झालावाड़ जिले से 2 बार वसुंधरा राजे को मुख्यमंत्री बनाया गया है। विपक्ष दलों की निंदा की
भाजपा जिला महामंत्री कृष्णा मंडलोई ने कांग्रेस और विपक्षी दलों द्वारा बिल का विरोध करने की निंदा की। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने झालावाड़ जिले में कई महत्वपूर्ण पदों पर महिलाओं को नियुक्त किया है। मंडलोई ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने 70 साल के शासनकाल में इस बिल को लटकाए रखा, जिससे महिलाएं अब कांग्रेस की मानसिकता को समझ चुकी हैं। हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की
इस दौरान महिलाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर और नारेबाजी कर कांग्रेस की कथित महिला विरोधी मानसिकता का विरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि यदि सरकार जनगणना और परिसीमन का इंतजार करती, तो इसमें लगने वाले समय के कारण महिलाएं 2029 के आम चुनावों में भी 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ नहीं उठा पातीं। आधी आबादी को समय पर लाभ सुनिश्चित करने के लिए अधिनियम के कार्यान्वयन को इस शर्त से अलग करना आवश्यक समझा गया। परिसीमन का अर्थ है निर्वाचन क्षेत्र की सीमा को अंतिम रूप देना, महिला आरक्षण लागू करने के लिए यह अनिवार्य है। 1976 में लोकसभा में सीटों की सीमा 550 निर्धारित की गई थी। 1971 में भारत की जनसंख्या 54 करोड़ थी लेकिन आज यह संख्या 140 करोड़ है। इसलिए, लोकसभा में सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 करना महत्वपूर्ण है। परिसीमन आयोग अधिनियम में कोई बदलाव प्रस्तावित नहीं किया था। मौजूदा कानूनी ढांचा बरकरार है। प्रभावित नहीं होंगे तमिलनाडु या पश्चिम बंगाल के चुनाव
तमिलनाडु या पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में चल रहे चुनाव प्रभावित नहीं होंगे, क्योंकि 2029 तक के चुनाव वर्तमान प्रणाली के तहत ही आयोजित किए जाएंगे। सीटों में समान रूप से 50 प्रतिशत की वृद्धि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए अनुपात बनाए रखेगी।
यह प्रस्ताव आनुपातिक विस्तार दृष्टिकोण पर आधारित था। वर्तमान 543 सीटों पर इस सिद्धांत को लागू करने से लगभग 815 सीटें हो जाएंगी।लेकिन विपक्षी दल इस पर भ्रम फैला रहे रहे जिसे देश की मातृ शक्ति कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। विरोध प्रदर्शन में सैकड़ों महिलाएं रही मौजूद
इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष सीएम धाभाई व संदीप शोत्रीय, मनीष चांदवाड़, लाली बाई भील, जिला मंत्री, प्रकाश वर्मा, मंडल अध्यक्ष प्रदीप सिंह राजावत,पूर्व प्रधान भावना झाला, शीला शर्मा, झालरापाटन नगर पालिका अध्यक्ष वर्षा चंदवाड़, मंडल अध्यक्ष संतोष नागर, ज्योति शर्मा, ममता शर्मा, हेमलता, रुक्मणी वर्मा, वेशाली शर्मा, ललिता सच्चर, कविता कुशवाह, मंजू बाला, अर्चना शर्मा, मीना राठौड़, पूजा, मनीषा आदि मौजूद रही।