झालावाड़ के सेवा भारती के आदर्श विद्या मंदिर स्कूल में आरोग्य विषयक जागरूकता कार्यक्रम आयोजन किया गया। इसमें आरोग्य विषय के वक्ता संजीवन कुमार ने "स्वस्थ जीवन शैली एवं विरुद्ध आहार-विहार" पर जानकारी दी। उन्होंने वर्तमान समय में असंतुलित जीवनशैली, विरुद्ध आहार-विहार और कृत्रिम खाद्य पदार्थों के बढ़ते उपयोग के कारण तेजी से बढ़ रही गंभीर बीमारियों पर चिंता व्यक्त की। फास्ट फूड और प्लास्टिक के उपयोग से बचें उन्होंने दैनिक जीवन में प्लास्टिक के अत्यधिक उपयोग, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों और फास्ट फूड के बढ़ते चलन पर चिंता व्यक्त करते हुए प्राकृतिक एवं पारंपरिक भोजन पद्धति अपनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि चाय एवं गर्म खाद्य पदार्थों के लिए प्लास्टिक और डिस्पोजल सामग्री के उपयोग से बचना चाहिए। ताजा और पौष्टिक पदार्थो को दें प्राथमिकता संजीवन कुमार ने भोजन में ताजे और पौष्टिक पदार्थों को प्राथमिकता देने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि फास्ट फूड एवं अत्यधिक प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ स्वाद तो देते हैं, लेकिन शरीर को आवश्यक पोषण पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाता, जिससे आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने भोजन को ताजा एवं स्वच्छ रूप में ग्रहण करने, अनावश्यक रूप से बार-बार गर्म किए गए भोजन से बचने और रसोई में उपलब्ध लौंग, जीरा, काली मिर्च, हींग और अजवायन जैसी घरेलू औषधीय सामग्री के उपयोग के महत्व पर भी प्रकाश डाला। योग और व्यायाम को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान उन्होंने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों से प्राकृतिक, संतुलित एवं पौष्टिक आहार अपनाने तथा नियमित दिनचर्या, योग एवं व्यायाम को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में विभाग कार्यवाह राधेश्याम पारेता, प्रधानाध्यापक केशुराम, आरोग्य भारती से डॉ. रिंकेश कुमार यादवेन्द्र सहित विद्यालय के छात्र-छात्राएं, अध्यापक एवं प्राध्यापक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित विद्यार्थियों ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।