झुंझुनूं जिला परिषद में गुरुवार को 'दिशा' (DISHA) बैठक आयोजित हुई। बैठक में विकास कार्यों में देरी और लापरवाही को लेकर जनप्रतिनिधियों का गुस्सा अधिकारियों पर फूट पड़ा। सांसद और विधायकों ने अलग-अलग विभागों के अधिकारियों से जवाब मांगे और कई मामलों में उन्हें जमकर फटकार लगाई। सांसद बृजेन्द्र ओला ने सूरजगढ़ बीडीओ को फटकार लगाते हुए कहा - यदि पूरी जानकारी नहीं थी तो बैठक में क्यों आए। उन्होंने एसएफएस (SFS) फंड के उपयोग में अनियमितता पर सवाल उठाए। वहीं झुंझुनूं बीडीओ को अधूरे काम पर चेतावनी देते हुए कहा कि सामान आने के बावजूद काम शुरू क्यों नहीं हुआ। उन्होंने साफ कहा कि यदि जल्द काम शुरू नहीं हुआ तो सस्पेंशन की कार्रवाई करवाई जाएगी। विधायक ने मंजूर राशि लौटाने पर जताई नाराजगी विधायक रीटा चौधरी ने गांगीयासर के विकास कार्य को लेकर बीडीओ और सीईओ को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि राज्यसभा सांसद कोटे से राशि मंजूर होने के बावजूद काम शुरू नहीं हुआ और अब पैसा वापस भेजने की बात की जा रही है, जो स्वीकार नहीं की जाएगी। स्वास्थ्य सेवाएं, वैक्सीनेशन और बंद सेंटर पर भी सवाल बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर भी चर्चा हुई। पशुपालन विभाग के अधिकारी ने इंजेक्शन की कमी बताई, जिस पर सांसद ने नाराजगी जताई। सीएमएचओ से एचपीवी (HPV) वैक्सीनेशन को लेकर सवाल पूछे गए। इस पर जिला कलेक्टर ने बताया कि लोगों में फैली भ्रांतियों के कारण लक्ष्य पूरा नहीं हो पा रहा है। मीठवास स्वास्थ्य सब-सेंटर का मुद्दा उठाते हुए सांसद ने कहा कि यह केंद्र पिछले दो साल से उद्घाटन के इंतजार में बंद पड़ा है। उन्होंने सीएमएचओ को निर्देश दिए कि सेंटर तुरंत शुरू किया जाए, उद्घाटन बाद में भी हो सकता है। पानी, ओवरलोड वाहन और स्कूलों के मुद्दे भी उठे मंडावा विधायक ने वाटर वर्क्स विभाग के अधीक्षण अभियंता से कहा कि एईएन और एक्सईएन फोन तक नहीं उठाते, जिससे गांवों में पानी की समस्या बनी हुई है। उदयपुरवाटी विधायक ने छापोली और मंडावरा क्षेत्र में ओवरलोड वाहनों का मुद्दा उठाया। इस पर पुलिस अधीक्षक कवेंद्र सिंह सागर ने 2-3 दिन का विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई का भरोसा दिया। विधायक पितराम सिंह काला ने स्कूलों के ध्वस्तीकरण पर सवाल उठाते हुए पूछा कि बिना उचित पुष्टि के भवन क्यों गिराए गए, पुरानी बिल्डिंग का सामान कहां गया और चारदीवारी क्यों तोड़ी गई। अच्छे अधिकारियों की तारीफ, सुस्त अफसरों को नसीहत बैठक के अंत में सांसद बृजेन्द्र ओला ने अच्छा काम करने वाले अधिकारियों की सराहना की और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को सुधार की नसीहत दी। मीडिया के सवाल पर कि सत्ताधारी दल के कुछ जनप्रतिनिधि बैठक में क्यों नहीं आए, उन्होंने कहा कि यह सरकारी बैठक थी, किसी राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं।