झुंझुनूं के एक सरकारी स्कूल में छात्रा से छेड़छाड़ के आरोप के बाद शिक्षा विभाग ने संबंधित लेक्चरर (व्याख्याता) को एपीओ कर दिया है। छात्रा ने शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर शिकायत की थी। शिकायत मिलते ही माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने कार्रवाई करते हुए लेक्चरर को तुरंत प्रभाव से स्कूल से हटाकर निदेशालय, बीकानेर में रिपोर्ट करने के आदेश जारी किए। मामले को गंभीर मानते हुए विभाग ने जांच के लिए उच्च स्तरीय टीम भी गठित की है। छात्रा ने शिक्षा मंत्री से की शिकायत छात्रा ने 2 जुलाई को शिक्षा मंत्री को लेटर भेजकर स्कूल के एक लेक्चरर (व्याख्याता) पर छेड़छाड़ के आरोप लगाए थे। छात्रा ने शिकायत में लेक्चरर के व्यवहार को लेकर गंभीर बातें लिखीं और कार्रवाई की मांग की। जांच के आदेश, सात दिन में रिपोर्ट तलब शिकायत शिक्षा मंत्री तक पहुंचने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया। 5 जुलाई को विभाग ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए और सात दिन के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश जारी किए। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए शिक्षा विभाग ने एक उच्च स्तरीय जांच टीम बनाई। यह टीम पूरे मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट विभाग को सौंपेगी। मामला शिक्षा मंत्री के संज्ञान में आते ही माध्यमिक शिक्षा निदेशक, बीकानेर ने संबंधित व्याख्याता को तत्काल प्रभाव से एपीओ कर दिया। उन्हें स्कूल से हटाकर निदेशालय, बीकानेर में रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रधानाचार्या बोलीं- पहले कभी ऐसी शिकायत नहीं मिली स्कूल की प्रिंसिपल ने कहा - व्याख्याता के एपीओ किए जाने की वजह की जानकारी नहीं है। उनके अनुसार 4 जुलाई तक स्कूल का माहौल पूरी तरह सामान्य था। पूरा स्टाफ रोज की तरह साथ में स्कूल से निकलता था और उस समय ऐसी कोई बात सामने नहीं आई थी। उन्होंने यह भी कहा कि इससे पहले किसी छात्रा, स्टाफ सदस्य या गांव के लोगों की ओर से लेक्चरर के खिलाफ कोई शिकायत उनके संज्ञान में नहीं आई थी।