झुंझुनूं के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और व्यवस्थाओं को पारदर्शी बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने क्यूआर कोड आधारित 'एसीएस संपर्क व्यवस्था' शुरू की है। अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्कूल शिक्षा) राजेश यादव के निर्देश पर लागू इस व्यवस्था के तहत शिक्षक, स्टूडेंट्स, अभिभावक और स्कूल प्रशासन मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन कर अपनी शिकायत, सुझाव और जरूरतें सीधे उच्च अधिकारियों तक भेज सकेंगे। क्यूआर कोड स्कैन कर सीधे भेज सकेंगे शिकायत और सुझाव स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार यह व्यवस्था पूरी तरह तकनीक आधारित है। इसके तहत शिक्षक, स्टूडेंट्स, अभिभावक और स्कूल प्रशासन को अपनी बात रखने के लिए अब कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। उपयोगकर्ता अपने मोबाइल से विभाग की ओर से जारी क्यूआर कोड स्कैन कर सीधे अपनी बात उच्च अधिकारियों तक पहुंचा सकेंगे। स्कूलों की कमियां और नए सुझाव भी भेज सकेंगे इस व्यवस्था के जरिए स्कूलों की ढांचागत कमियां, जरूरी संसाधनों की मांग, व्यवस्थागत शिकायतें और शिक्षा व्यवस्था में सुधार से जुड़े नए सुझाव सीधे उच्च स्तर तक भेजे जा सकेंगे। विभाग का उद्देश्य है कि समस्याओं का समय पर समाधान हो और स्कूलों की व्यवस्था बेहतर बने। बच्चों के विकास पर रहेगा फोकस इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों का बौद्धिक, रचनात्मक और नैतिक विकास सुनिश्चित करना है। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि हर सप्ताह अभिभावकों से संवाद कर स्टूडेंट्स की पढ़ाई और प्रगति की जानकारी साझा की जाएगी। साथ ही गांव के प्रबुद्ध नागरिकों और अभिभावकों से भी लगातार संपर्क रखा जाएगा, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहे। मानसून को देखते हुए स्कूलों की सुरक्षा जांच के निर्देश बारिश के मौसम को देखते हुए शिक्षा विभाग ने स्कूलों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष निर्देश जारी किए हैं। सभी स्कूल भवनों, कक्षाओं और पूरे परिसर का निरीक्षण किया जाएगा। यदि कोई भवन या कक्षा असुरक्षित पाई जाती है तो वहां स्टूडेंट्स को नहीं बैठाया जाएगा। सरकारी स्कूलों की व्यवस्था में बदलाव की उम्मीद शिक्षा विभाग का मानना है कि इस डिजिटल पहल से झुंझुनूं के सरकारी स्कूलों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी। साथ ही शिकायतों और सुझावों पर तेजी से कार्रवाई होने से स्टूडेंट्स को बेहतर शैक्षिक माहौल मिल सकेगा।