झुंझुनूं जिले में चिड़ावा और शहर के बीड़ क्षेत्र में दो नमो वन विकसित करने को स्वीकृति मिल गई है। डीएफओ काव्या बी के अनुसार दोनों परियोजनाओं के लिए एक-एक करोड़ रुपए का बजट प्रस्ताव पास हुआ है और वित्तीय साल 2026-27 में काम शुरू किया जा रहा है। जिले की 14 पंचायत समितियों में नमो वन बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। इसके साथ ही प्रत्येक पंचायत समिति स्तर पर राम वाटिका विकसित करने की योजना भी शामिल है। चिड़ावा और बीड़ क्षेत्र में शुरू होगा काम प्रथम चरण में दो प्रस्तावों को स्वीकृति की दिशा में आगे बढ़ाया गया है। चिड़ावा के बाघिनिया जोहड़ क्षेत्र में नमो वन विकसित किया जाएगा, जबकि झुंझुनूं शहर के प्रसिद्ध बीड़ क्षेत्र में सघन पौधारोपण के साथ नमो वन की स्थापना होगी। इन दोनों परियोजनाओं के लिए विभाग ने 1-1 करोड़ रुपए का बजट प्रस्ताव भेजा था, जिसे मंजूरी मिल गई है। 14 पंचायत समितियों में नमो वन का लक्ष्य जिले की कुल 14 पंचायत समितियों में नमो वन स्थापित करने का लक्ष्य तय किया गया है। वर्तमान वित्तीय साल 2026-27 में चिड़ावा और झुंझुनूं के प्रस्तावों पर काम शुरू हो चुका है। आगे आने वाले समय में अन्य क्षेत्रों को भी इसी योजना के तहत शामिल किया जाएगा। हर पंचायत समिति में बनेगी राम वाटिका योजना के तहत प्रत्येक पंचायत समिति स्तर पर एक राम वाटिका भी विकसित की जाएगी। इसका उद्देश्य स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना और आमजन को शुद्ध हवा और प्राकृतिक वातावरण उपलब्ध कराना है। चरणबद्ध तरीके से होगा विस्तार पूरे जिले में नमो वन योजना को फेज-वाइज लागू किया जा रहा है। आने वाले समय में अन्य क्षेत्रों को भी कवर किया जाएगा, जिससे जिले में ग्रीन बेल्ट विकसित हो सके। पर्यटन और रोजगार को मिलेगा लाभ नमो वन और राम वाटिका विकसित होने से ये स्थान भ्रमण और पर्यटन के केंद्र बनेंगे। सघन पौधारोपण से वन्यजीवों के संरक्षण में मदद मिलेगी। साथ ही पौधों की देखभाल और नर्सरी प्रबंधन के जरिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी तैयार होंगे।