पूर्णिमा यूनिवर्सिटी के फैकल्टी ऑफ डिजाइन एंड आर्ट्स की ओर से आयोजित दो दिवसीय आर्ट एग्जीबिशन ‘सर्जना-2026’ का शनिवार को जवाहर कला केंद्र (जेकेके) में शुभारंभ हुआ। इस प्रदर्शनी में देश-विदेश के कलाकारों और 13 यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स द्वारा तैयार की गई 110 कलाकृतियां प्रदर्शित की जा रही हैं, जो कला प्रेमियों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। पूर्णिमा यूनिवर्सिटी में आयोजित इंटरनेशनल आर्ट कैंप के दौरान तैयार की गई इन कलाकृतियों में पेंटिंग्स, पत्थर की खूबसूरत मूर्तियां और वेस्ट मटेरियल से बनाए गए आर्ट इंस्टॉलेशन शामिल हैं। कैंप में भारत, दक्षिण कोरिया, चीन और श्रीलंका के 30 से अधिक कलाकारों ने हिस्सा लिया, वहीं देश की 12 अन्य यूनिवर्सिटीज के स्टूडेंट आर्टिस्ट्स की रचनात्मक भागीदारी ने इसे और खास बना दिया। प्रदर्शनी का उद्घाटन राजस्थान के मुख्यमंत्री और डीआईपीआर सचिव डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। इस मौके पर प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप राजस्थान के प्रेसिडेंट कलाविद आर. बी. गौतम, एमएसएमईडीएफओ जयपुर के निदेशक प्रदीप ओझा (IEDS) और दैनिक भास्कर डिजिटल राजस्थान के स्टेट हेड किरण राजपुरोहित विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। एग्जीबिशन में मुंबई के 90 वर्षीय कार्टूनिस्ट आबिद सूती ने नल की पेंटिंग के जरिए पानी बचाने का संदेश दिया, जो दर्शकों को खूब पसंद आया। वहीं मुंबई के प्रकाशवाल जोशी ने द्रव्यवती नदी की सुंदरता को रंगों में उकेरकर जयपुर की पहचान को कैनवास पर उतारा। हैदराबाद के आर्टिस्ट प्रो. अंजनी रेड्डी ने राजस्थान के सुनहरे रेगिस्तान और गुलाबी ऊंट के अनोखे संयोजन से ऐसी पेंटिंग प्रस्तुत की, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचा। गंगाजल आर्टिस्ट संतोष कुमार शांडिल्य ने इस बार भी गंगाजल से शिव नगरी की पेंटिंग बनाकर अपनी अलग पहचान छोड़ी। अंतरराष्ट्रीय कलाकारों की कृतियों ने भी प्रदर्शनी को विशेष आयाम दिया। दक्षिण कोरिया के ऑचुल ह्वांग ने गाय को बचाने का भावनात्मक संदेश अपनी पेंटिंग के माध्यम से दिया, जबकि सिओ गुल ने मिट्टी के आर्ट इंस्टॉलेशन से प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया। श्रीलंका के नवीन चाविका ने अपनी पेंटिंग में आसमान से जयपुर और राजस्थान की खूबसूरती को बेहद आकर्षक ढंग से दर्शाया। यह दो दिवसीय प्रदर्शनी कला, संस्कृति और अंतरराष्ट्रीय रचनात्मकता का अद्भुत संगम बनकर उभरी है, जहां हर कलाकृति अपने भीतर एक संदेश और संवेदना समेटे हुए है।