जोधपुर में अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ के बैनर तले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। कार्यकर्ताओं ने सरकार को आंगनबाड़ी कर्मचारियों को लेकर किए गए पुराने वादे भी याद दिलाए और अपनी मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की। कर्मचारियों ने सबसे पहले आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताले लगाकर कार्य का पूर्ण बहिष्कार किया। इसके बाद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और वहां जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। वहां से पावटा सर्किल तक रैली निकालते हुए मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में संगठन ने आरोप लगाया- लंबे समय से नियमितीकरण, मानदेय वृद्धि, ग्रेच्युटी, पेंशन और बकाया भुगतान सहित विभिन्न मांगों को सरकार और महिला एवं बाल विकास विभाग के समक्ष लगातार उठाया जा रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। संगठन का कहना है कि गत 2 जून को विभाग के साथ हुई वार्ता में 10 से 15 दिनों के भीतर बकाया भुगतान करने और अन्य मांगों पर सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन आज तक उस पर अमल नहीं हुआ। इससे प्रदेशभर के आंगनबाड़ी कार्मिकों में भारी असंतोष व्याप्त है। प्रदेशभर में कार्य बहिष्कार किया जा रहा संगठन की जिला अध्यक्ष सोनल चितारा ने कहा- 1 जुलाई से प्रदेशभर में कार्य बहिष्कार किया जा रहा है और 7 जुलाई से आम हड़ताल के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों पर तालाबंदी की गई है। यदि इस दौरान विभागीय कार्य प्रभावित होते हैं, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और विभाग की होगी। चितारा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता वर्षों से बेहद कम मानदेय में महत्वपूर्ण सेवाएं दे रही हैं, लेकिन उनकी समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। अब सरकार को उनकी न्यायोचित मांगों पर तत्काल निर्णय लेना चाहिए। वांगचुक के समर्थन में AAP कार्यकर्ताओं ने दिया धरना आम आदमी पार्टी (जोधपुर इकाई) द्वारा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सोनम वांगचुक के द्वारा दिल्ली के जंतर-मंतर पर किए जा रहे आमरण अनशन के समर्थन में प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर एक दिवसीय उपवास भी रखा गया। इसमें पार्टी के पदाधिकारी विजय शर्मा, जितेंद्र, प्रेमसिंह राजपुरोहित, मोहम्मद उमर सामरिया अनशन पर बैठे। कार्यकर्ताओं ने सरकार को सद्बुद्धि देने के लिए भजन-कीर्तन किए।