जोधपुर डिस्कॉम संयुक्त संघर्ष समिति की ओर से 30 अप्रैल को प्रस्तावित महारैली स्थगित कर दी गई। डिस्कॉम अध्यक्ष के आश्वासन के बाद यह फैसला लिया गया। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों की बुधवार को पहले डिस्कॉम के एमडी से मीटिंग हुई। इसके बाद डिस्कॉम अध्यक्ष से फोन पर बातचीत हुई। पदाधिकारी को डिस्कॉम अध्यक्ष की तरफ से आश्वासन दिया गया कि डिस्कॉम का किसी भी तरह से निजीकरण नहीं किया जाएगा। इसके बाद गुरुवार को प्रस्तावित महारैली को स्थगित कर दिया गया। संघर्ष समिति के संयोजक उम्मेदाराम चौधरी और जगदीश दाधीच ने बताया- ऊर्जा विभाग सचिव एवं विद्युत वितरण कंपनियों की अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक आरती डोगरा ने स्पष्ट किया कि जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (जोधपुर डिस्कॉम) के किसी भी सर्किल के निजीकरण के संबंध में राज्य सरकार के पास कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। इस विषय में डिस्कॉम्स ने कोई निर्देश भी जारी नहीं किए हैं। इस स्पष्टीकरण के बाद जोधपुर डिस्कॉम संयुक्त संघर्ष समिति ने प्रस्तावित महारैली को स्थगित कर दिया। वहीं डोगरा से मीटिंग 1 मई को जयपुर में मीटिंग की जाएगी। किसी भी सर्किल के निजीकरण का प्रस्ताव नहीं दरअसल, संयुक्त संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने जोधपुर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक डॉ. भंवरलाल से मुलाकात की। बैठक के दौरान प्रबंध निदेशक द्वारा दोबारा आश्वासन दिया गया कि जोधपुर डिस्कॉम के किसी भी सर्किल के निजीकरण का प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने निगम के वर्तमान कार्य निष्पादन को संतोषजनक बताते हुए इसमें सुधार के लिए कहा। प्रतिनिधिमंडल में उम्मेदाराम चौधरी, जगदीश दाधीच, लिखमाराम जाखड़, रामप्रकाश चौधरी, मनोज सैनी, मोहम्मद शमीम, बिशन वैष्णव, हुकमचंद चौहान, भरत गुर्जर एवं हिम्मत सिंह सहित अन्य पदाधिकारी शामिल थे।