जोधपुर जिले के देचू थाना क्षेत्र के फतेहगढ़ गांव में मंगलवार को एक ही परिवार के चार लोगों की मौत का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पाली जिले के रोहट क्षेत्र के बीठू गांव निवासी किसान गेनाराम, उसकी पत्नी और दो बच्चों के शव खेत में मिले। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गेनाराम ने पहले पत्नी और दोनों बच्चों की गला दबाकर हत्या की, इसके बाद खुद फंदे पर लटककर सुसाइड कर लिया। पुलिस ने चारों शवों को हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाकर जांच शुरू कर दी है। मृतक अपनी पत्नी और दोनों बच्चों के साथ कल यानि 29 जून को ही पाली जिले के बीठू गांव आया था। बताया जा रहा है कि यहां एक थान (मंदिर) पर गया जहां अपनी पत्नी को दिखाया, प्रसाद चढ़ा और शाम को वापस फतेहगढ़ के लिए रवाना हो गया था। सुबह चारों की बॉडी मिली। खेत में मिले एक ही परिवार के चार शव फलोदी जिला मुख्यालय से करीब 42 किलोमीटर दूर फतेहगढ़ गांव में मंगलवार सुबह पाली जिले के बीठू (रोहट) निवासी गेनाराम (35), उसकी पत्नी पुष्पा (32), बेटी खुशबू (13) और बेटे किशन (10) के शव मिले। देचू थानाधिकारी विक्रम सिंह ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 8 बजे खेत में शव पड़े होने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। मौके पर महिला और दोनों बच्चों के शव जमीन पर पड़े मिले, जबकि गेनाराम का शव फंदे पर लटका हुआ था। प्रारंभिक जांच में हत्या के बाद सुसाइड की आशंका पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गेनाराम ने पहले पत्नी और दोनों बच्चों की गला दबाकर हत्या की। इसके बाद उसने खुद फंदे पर लटककर सुसाइड कर लिया। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। चार साल पहले मजदूरी के लिए गया था परिवार रोहट थानाधिकारी पदमपाल सिंह ने बताया कि मृतक परिवार मूल रूप से पाली जिले के बीठू गांव का रहने वाला था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि परिवार करीब चार साल पहले मजदूरी करने के लिए जोधपुर जिले के देचू क्षेत्र में गया था। गेनाराम खेत में मजदूरी और कृषि का काम करता था। उसका परिवार भी उसके साथ वहीं रहता था। पत्नी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से गेनाराम की पत्नी पुष्पा की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। इसी कारण परिवार उसे एक भोपा (तांत्रिक) के पास भी लेकर गया था। परिवार को आशंका थी कि पुष्पा पर भूत-प्रेत का साया है। प्रारंभिक स्तर पर यह भी माना जा रहा है कि इसी वजह से गेनाराम मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौतों के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। कल ही परिवार सहित आया था गांव मृतक के रिश्तेदार जगदीश कुमार ने बताया कि मृतक गेनाराम अपनी पत्नी और दोनों बच्चों के साथ कल 29 जून को ही बीठू (रोहट) आया था। यहां एक थान पर पत्नी को दिखाया। वहां प्रसाद चढ़ाने के बाद वह शाम करीब साढ़े छह बजे वापस फतेहगढ़ के लिए रवाना हुआ था। 30 जून की सुबह चारों के शव खेत में मिले। जहर देकर मारा होगा, फिर फंदे पर झूला परिजनों ने आशंका जताई है कि तीन जनों का गला दबाकर उनकी हत्या गेनाराम नहीं कर सकता। संभवत उसने खाने में कुछ मिलाकर उन्हें खिलाया। उसके बाद उनका गला गोट कर हत्या कर दिया और फिर खुद फंदे पर झूल गया। चार भाई और तीन बहनें, एक भाई दिव्यांग मृतक चार भाई और तीन बहनें है। मृतक के दो भाई चेनाराम, सीयाराम भी फतेहगढ़ क्षेत्र में ही खेत में मजदूरी का काम करते है। बीठू गांव में मृतक के पिता जोधाराम, मां सीतादेवी और एक दिव्यांग भाई रहता है। मृतक के पिता भी लकवाग्रस्त है। पति और दिव्यांग बेटे की मृतक की मां सीतादेवी सेवा करती है।