जोधपुर में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। शहर में मंगलवार देर रात बूंदाबांदी हुई। वहीं बुधवार दोपहर को भी मौसम बदला और हल्की बारिश शुरू हुई। इससे पहले सुबह सेबादल छाए हुए थे। जोधपुर में 7 जुलाई को मानसून की दस्तक के बाद बारिश पर ब्रेक लगा हुआ था, लेकिन मौसम विभाग ने अब अगले कई दिनों तक मौसम में बदलाव की संभावना जताई है। 26 जुलाई तक आंधी और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। वहीं, मंगलवार को अधिकतम तापमान में 1.4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई और पारा 36.6 डिग्री रहा। यह सामान्य से 0.6 डिग्री अधिक है। वहीं न्यूनतम तापमान 0.6 डिग्री गिरकर 29.2 डिग्री दर्ज हुआ, जो जुलाई के सामान्य तापमान 27.1 डिग्री से 2.1 डिग्री अधिक है। 47 फीसदी कम बारिश 21 जुलाई तक के आंकड़ों के अनुसार- जोधपुर में इस महीने सामान्य से 47.3 प्रतिशत कम बारिश हुई है। 21 जुलाई तक सामान्य बारिश 103.8 एमएम होनी चाहिए थी, जबकि इस बार केवल 56.5 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश की कमी के चलते शहर में उमस बढ़ रही है और लोग परेशान हैं। 26 जुलाई तक आंधी-बारिश का यलो अलर्ट मौसम विभाग ने आज से आंधी और बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इसके 26 जुलाई तक जारी रहने की संभावना है। ऐसे में अगले पांच दिनों तक जोधपुर में मौसम करवट ले सकता है और कई इलाकों में आंधी के साथ बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। जुलाई में अब तक सिर्फ 61.6 एमएम बारिश मानसून सत्र 1 जून से 30 सितंबर तक मानते हैं। जोधपुर में इस बार प्री-मानसून के दौरान 74.1 एमएम बारिश हुई। इसमें जून में 12.5 एमएम और जुलाई में 61.6 एमएम बारिश शामिल है। पिछले साल 21 जुलाई तक 275 एमएम बारिश हो चुकी थी। इस बार मानसून आने के बाद भी बारिश का दौर कमजोर रहा। जुलाई में सामान्य तौर पर 119.7 एमएम बारिश होती है, जबकि अब तक सिर्फ 61.6 एमएम बारिश हुई है। कायलाना 75 फीसदी भरी शहर की मुख्य झील कायलाना-तखतसागर का जलस्तर सामान्य स्थिति में करीब 350 एमसीएफटी रहता है। अभी इसमें केवल 150 एमसीएफटी ही पानी है। यानी 200 एमसीएफटी पानी कम है। कायलाना की कुल भराव क्षमता 58 फीट है, जबकि वर्तमान में 43.8 फीट पानी है। तखतसागर की भराव क्षमता 65 फीट है, लेकिन फिलहाल वहां 40.1 फीट पानी ही उपलब्ध है। यह खबर भी पढ़ें... जोधपुर में बाजरा-मूंग की फसलें खराब, रेत में दबे खेत:किसान बोले-बारिश नहीं होने से जल गए पौधे; पशुओं के लिए चारा भी कहां से लाएंगे राजस्थान में इस बार मानसून सात दिन की देरी से आया। वहीं अब तक बारिश भी कम हुई है। इससे कई बांध खाली हैं। किसान भी परेशान हैं। जोधपुर में मानसून की एंट्री के साथ किसानों को उम्मीद थी कि बारिश का दौर चलेगा। ऐसे में खरीफ की फसलों की बुवाई शुरू कर दी थी, लेकिन जिले में मानसून की एंट्री के बाद से अच्छी बारिश नहीं हुई। (पूरी खबर पढ़ें)