कानों में चमचमाते सोने के गोखरू (कुंडल) देखकर एक बदमाश की नीयत डोल गई। बदमाश ने पहले तो युवक को अपनी बाइक पर बैठाया, फिर शराब पिलाने के बहाने सुनसान जगह ले गया। वहां भारी पत्थर से सिर कुचलकर युवक की बेरहमी से हत्या कर दी। इसके बाद सोने के आभूषण लूटकर फरार हो गया। यह सनसनीखेज मामला जोधपुर के सूरसागर थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस और डिस्ट्रिक्ट स्पेशल टीम (DST) ने 'ब्लाइंड मर्डर' का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने हत्या के आरोपी भूपेश कुमार (33) निवासी बालरवा (थाना मथानिया) को गिरफ्तार कर लिया है।
5 पॉइंट में मर्डर की पूरी कहानी… 1. 26 जून को पुलिया के नीचे मिला था शव DCP (पश्चिम) कमल शेखावत ने बताया कि 26 जून को सूरसागर थाना क्षेत्र के इंद्रोका के पास सड़क किनारे पुलिया के नीचे एक युवक का शव मिला था, जिसका सिर पत्थर से बुरी तरह कुचला हुआ था। शव के पास कोई मोबाइल नहीं था, लेकिन जेब में मिले आधार कार्ड से उसकी शिनाख्त गोविंद पुत्र भीमाराम (निवासी दानासनी, पाली) के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने गोविंद के भाई ओमप्रकाश से संपर्क किया, जिसने एमजीएच (MGH) मोर्चरी पहुंचकर कपड़ों और हाथ के कड़े से गोविंद की पहचान की। 2. बहन के अंतिम संस्कार में शामिल होने जोधपुर आया था गोविंद डीसीपी शेखावत ने बताया - गोविंद 23 जून को अपनी बुआ की बेटी (बहन हुर्मा) की मौत के बाद पाली से जोधपुर आया था। लेकिन वह अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाया और केरू चौराहे से रास्ता भटक गया। शराब के नशे में वह घूमते-घूमते 24 जून की सुबह मसूरिया में अपने भाई पप्पूराम के घर पहुंचा, लेकिन थोड़ी देर बाद बिना बताए वहाँ से भी निकल गया। परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। 3. परिजनों ने किसी से भी दुश्मनी होने से किया था इनकार डीसीपी शेखावत ने बताया- गोविंद की मौत के बाद सूरसागर पुलिस ने जांच शुरू की, लेकिन सबसे बड़ा चैलेंज यह था कि गोविंद मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करता था। मोबाइल न होने के कारण पुलिस के सामने आरोपी तक पहुंचने की बहुत बड़ी चुनौती थी। वहीं, परिजनों ने भी किसी से किसी तरह की दुश्मनी होने से साफ इनकार किया था। ऐसे में सूरसागर थानाधिकारी हरीश सोलंकी और डीएसटी (DST) प्रभारी महादेव प्रसाद की टीमों ने मिलकर 'मैनुअल पुलिसिंग' और 'फील्ड इंटेलिजेंस' का सहारा लिया। 4. सीसीटीवी फुटेज में बाइक पर बैठता दिखा गोविंद डीसीपी शेखावत ने बताया- पुलिस टीम ने गोविंद के जाने की दिशा में खोजबीन शुरू की। जांच में सामने आया कि वह पैदल ही फिदूसर चौपड़ तक आया था। चूंकि उसके पास मोबाइल नहीं था, इसलिए उसे तकनीकी रूप से ट्रेस कर पाना नामुमकिन था। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। फिदूसर चौपड़ के पास एक सीसीटीवी फुटेज में वह एक बाइक सवार के साथ पीछे बैठता हुआ नजर आया, लेकिन बाइक का नंबर साफ नहीं था। ऐसे में धुंधले फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपी का स्केच तैयार करवाया। 5. स्केच और फुटेज के आधार पर पकड़ा गया हत्यारा डीसीपी ने बताया- स्केच और फुटेज के आधार पर पुलिस ने संदिग्ध की तलाश तेज की और दो-तीन जगहों पर दबिश दी। आखिरकार पुलिस ने आरोपी भूपेश मेघवाल को धर दबोचा। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कबूला कि मृतक गोविंद ने कानों में सोने के गोखरू पहन रखे थे, जिन्हें देखकर उसकी नीयत डोल गई थी। वह उन कीमती आभूषणों को हथियाना चाहता था। इसी इरादे से वह गोविंद को शराब पिलाने के बहाने सुनसान जगह ले गया, जहाँ उसने गोविंद को शराब पिलाई और फिर भारी पत्थर से सिर कुचलकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी।