जोधपुर के उम्मेद अस्पताल में एक प्रसूता को गलत ब्लड चढ़ाने का मामला सामने आया है। जोधपुर जिले के डावरा बावड़ी निवासी धापू भील (24) को सामान्य प्रसव के बाद एनीमिया व अन्य कारणों से उम्मेद अस्पताल रेफर किया गया था। आरोप है कि पहले दिन उन्हें ओ पॉजिटिव और दूसरे दिन बी पॉजिटिव ब्लड चढ़ा दिया गया। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई, किडनी प्रभावित हुई और उन्हें एमजीएच के आईसीयू में भर्ती कर डायलिसिस करना पड़ा। मामले में अस्पताल प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। एमजीएच हॉस्पिटल में करवाया एडमिट गलत ब्लड चढ़ाने के बाद धापू की हालत बिगड़ने पर उन्हें रात में एमजीएच रेफर किया गया, जहां उनका आईसीयू में उपचार चल रहा है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. मोहन मकवाना ने पांच चिकित्सक-शिक्षकों व अधिकारियों की जांच कमेटी गठित की है, जो तीन-चार दिन में रिपोर्ट देगी। डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा ने कहा कि उन्हें लौटने के बाद मामले की जानकारी मिली है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 11 जुलाई को बेटे को दिया था जन्म परिजनों ने बताया कि 11 जुलाई को बावड़ी में धापू ने पुत्र को जन्म दिया था। खून की कमी बताकर उन्हें उम्मेद अस्पताल भेजा गया। उपचार के दौरान ब्लड चढ़ाने के बाद अनुसार उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजनों के इसके बाद उनका पेशाब बंद हो गया और रक्तस्राव शुरू हो गया। उनका कहना है कि उन्हें अब तक पूरी जानकारी नहीं दी गई कि उनकी हालत बिगड़ने का कारण क्या था। एम्स में ऐसे ही केस में मौत हो चुकी शहर के अस्पतालों में गलत खून चढ़ाने का यह एक साल में तीसरा मामला है। पिछले वर्ष अक्टूबर में जोधपुर एम्स में मांगीलाल बिश्नोई (50) को कथित रूप से बिना आवश्यकता रक्त चढ़ा दिया गया था, जिनकी बाद में मृत्यु हो गई। नवंबर में एमजीएच के कॉटेज वार्ड में बी पॉजिटिव रक्त ए पॉजिटिव ग्रुप के एक बास्केटबॉल खिलाड़ी को चढ़ा दिया गया था। मरीज के आपत्ति जताने पर रक्त चढ़ाना तुरंत रोक दिया गया था। अब इसी तरह का मामला उम्मेद अस्पताल में सामने आया है।