नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की ओर से जेईई मेन की ऑल इंडिया रैंक जारी कर दी गई है। कोटा के क्लास रूम स्टूडेंट कबीर छिल्लर ने पहली रैंक हासिल की है। कबीर के 300 में से 300 नंबर आए हैं। कबीर मूल रूप से गुरुग्राम के रहने वाले हैं। पिता सॉफ्टवेयर इंजीनियर और मां प्राइवेट टीचर हैं। कबीर पिछले 2 साल से कोटा में रहकर जेईई की तैयारी कर रहे हैं। कबीर ने अपनी इस सफलता पर कहा- सही दिशा में मेहनत करना सबसे जरूरी है। इसके लिए फैकल्टीज का सही मार्गदर्शन और पेरेंट्स का सपोर्ट बहुत काम आया है। कबीर ने बताया- रिजल्ट का श्रेय पेरेंट्स और फैकल्टी को देता हूं। पढ़ाई को छोटे-छोटे टारगेट्स में बांटा। शॉर्ट्स नोट बनाए और रोज रिवीजन किया। हर टॉपिक को रटने के बजाय उसे समझा। बता दें कि कबीर ने जेईई मेन जनवरी सेशन में भी 100 पर्सेंटाइल हासिल करते हुए परफेक्ट स्कोर हासिल किया था। परिणाम आने के बाद कोटा में जश्न का माहौल है। डाउट क्लियर किए, सेल्फ स्टडी की 5वीं रैंक लाने वाले अर्णव ने बताया- मैं 10 से 12 घंटे रेगुलर पढ़ाई करता था। क्लास रूम में जो भी पढ़ाया जाता था और जो डाउट होते थे, उसी दिन सॉल्व कर लेता था। NCERT पर ज्यादा फोकस किया। अर्णव मूल रूप से कोटा के ही रहने वाले हैं। वहीं 6 रैंक लाने वाले शुभम कुमार ने बताया- मैं रेगुलर क्लास अटेंड करता था। क्लास में जो भी पढ़ाते थे, उसे हॉस्टल के रूम में जाकर रिवाइज करता था। क्लास में 5-6 घंटे के अलावा 5 घंटे सेल्फ स्टडी करता। किसी भी टॉपिक में डाउट हुआ तो उसे क्लियर किया। यशवर्धन बोले- सेल्फ स्टडी के साथ घर पर ऑनलाइन कोचिंग से की तैयारी जेईई मेन 2026 में श्रीगंगानगर के यशवर्धन कड़वासरा ने ऑल इंडिया में 11वीं रैंक हासिल की है। यशवर्धन ने सफलता का श्रेय लगन और स्मार्ट तैयारी को दिया। उन्होंने रोजाना 8 घंटे सेल्फ स्टडी के साथ दो अन्य इंस्टीट्यूट के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से कोचिंग ली। बिना कोचिंग सेंटर में घंटों बिताए, घर पर रोज पढ़ाई से उन्होंने टॉप रैंक हासिल की। यशवर्धन के पिता प्रो. राजेन्द्र कुमार कड़वासरा डॉ. भीमराव अम्बेडकर राजकीय महाविद्यालय श्रीगंगानगर में वनस्पति शास्त्र के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष हैं। जबकि मां सुमन राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय सावंतसर में प्रधानाचार्य पद पर कार्यरत हैं। वहीं उनके बड़े भाई आदित्य ने नीट परीक्षा में 54वीं रैंक हासिल की थी और वर्तमान में एम्स दिल्ली में चौथे सेमेस्टर में चिकित्सा की पढ़ाई कर रहे हैं। भाई की सफलता ने यशवर्धन को प्रेरणा दी। यशवर्धन अब जेईई एडवांस्ड की तैयारी में जुट गए हैं और आईआईटी में दाखिले का सपना देख रहे हैं। जेईई एडवांस के लिए 2.5 लाख स्टूडेंट्स क्वालिफाई जेईई मेन के परीक्षा परिणाम में स्टूडेंट्स की ऑल इंडिया रैंक जारी होने के साथ ही जेईई एडवांस के लिए क्वालिफाइड 2.5 लाख स्टूडेंट्स की सूचना भी जारी हो गई है। देश के अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 100 पर्सेंटाइल प्राप्त करने वाले स्टूडेंट्स की संख्या भी जारी की गई है। पिछले साल 2025 में कुल 24 स्टूडेंट्स ने 100 पर्सेंटाइल प्राप्त किया था। चार सवालों के एक से ज्यादा आंसर भी ठीक नेशनल टेस्टिंग एजेंसी-एनटीए ने जेईई-मेन 2026 अप्रैल सेशन की फाइनल आंसर की सोमवार को जारी कर दी। जारी की गई फाइनल आंसर की के अनुसार जेईई-मेन अप्रैल सेशन में 1 प्रश्न ड्रॉप किया गया है और 4 प्रश्नों के एक से भी अधिक विकल्प ठीक बताए गए हैं। एजुकेशन एक्सपर्ट, फिजिक्स फैकेल्टी देव शर्मा ने बताया- फिजिक्स, केमेस्ट्री और मैथमेटिक्स तीनों ही विषयों के प्रश्नपत्रों में गलतियां रही। सबसे ज्यादा गलतियां फिजिक्स विषय में रही। फिजिक्स विषय में ड्रॉप किया गया प्रश्न थर्मोडायनेमिक्स से संबंधित था। इसी के साथ फिजिक्स विषय में जिन 2 प्रश्नों के एक से अधिक विकल्प ठीक पाए गए उनमें से भी एक थर्मोडायनेमिक्स से और दूसरा वेव ऑप्टिक्स से संबंधित रहा। केमिस्ट्री में कोई सवाल ड्रॉप नहीं किया गया है, लेकिन एक प्रश्न के एक से ज्यादा आंसर सही माने गए हैं। मैथ्स में भी कोई प्रश्न ड्रॉप नहीं है, लेकिन एक सवाल के एक से अधिक विकल्प ठीक माने गए हैं। 4 अप्रैल को पहली शिफ्ट के फिजिक्स का एक प्रश्न ड्रॉप किया गया। 5 अप्रैल को पहली शिफ्ट के गणित के एक प्रश्न का उत्तर नॉन नेगेटिव इंटिजर्स घोषित किया गया। 6 अप्रैल को दूसरी शिफ्ट में फिजिक्स और केमिस्ट्री विषयों से एक-एक प्रश्नों के एक से अधिक विकल्प ठीक बताए गए हैं। वहीं 8 अप्रैल को दूसरी शिफ्ट के फिजिक्स के एक प्रश्न के एक से अधिक विकल्प ठीक बताए गए। 2025 में राजस्थान टॉप पर रहा था एजुकेशन एक्सपर्ट देव शर्मा ने बताया- जेईई मेन 2025 में 100 पर्सेंटाइल प्राप्त करने वाले स्टूडेंट्स की संख्या के आधार पर राजस्थान टॉप पर था। जेईई मेन 2025 में राजस्थान से सबसे ज्यादा 7 स्टूडेंट्स रहे थे। महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना से 3-3 और दिल्ली-एनसीटी, पश्चिम बंगाल और गुजरात से 2-2 स्टूडेंट्स ने 100 पर्सेंटाइल स्कोर किया था। महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक से 1-1 स्टूडेंट ने 100 पर्सेंटाइल स्कोर किया था।