कपासन में सूफी संत हजरत दीवाना शाह साहब र.अ. के यौमे विलादत (25 मोहर्रम) के अवसर पर शनिवार को दरगाह शरीफ में परचमकुशाई (अलम चढ़ाने) की रस्म अदा की गई। इस दौरान दरगाह शरीफ के साथ मोमीन मोहल्ला स्थित बाबा की कुटिया पर भी अलम पेश किया गया। दरगाह कार्यालय सचिव शफी मोहम्मद छीपा ने बताया कि परंपरा के अनुसार भीलवाड़ा के छीपा परिवार की ओर से अलम लाया गया। नमाज-ए-जोहर के बाद भीलवाड़ा से आए करीब 50 सदस्यीय जत्थे ने आस्ताना-ए-आलिया में अलम पेश किया। इस अवसर पर हम्द, नात, मनकबत, सलातो-सलाम और फातिहा का आयोजन हुआ। इसके बाद कव्वालों ने सूफियाना कलाम प्रस्तुत कर महफिल को रूहानी रंग में रंग दिया। अलम शरीफ का निकला जुलूस, जायरीनों ने किया स्वागत धार्मिक रस्मों के बाद अलम को बुलंद दरवाजे से मोमीन मोहल्ला स्थित कुटिया ले जाया गया, जहां श्रद्धालुओं ने अकीदत के साथ अलम पेश किया। कुटिया से अलम शरीफ का जुलूस हुसैनी बैंड के साथ कलंदरी मस्जिद और बस स्टैंड मार्ग से होते हुए दरगाह शरीफ पहुंचा। बुलंद दरवाजे पर जायरीनों ने नारों के साथ जुलूस का स्वागत किया। नमाज-ए-असर के बाद दरगाह परिसर में निर्धारित स्थानों पर अलम पेश करने की रस्म पूरी की गई। नियाज और केक काटकर मनाया जन्मोत्सव कार्यक्रम में राजस्थान वक्फ बोर्ड के पूर्व सीईओ अमानुल्लाह खान, वक्फ बोर्ड प्रतिनिधि मोहसिन गौड़ सहित गुजरात, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और राजस्थान के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में जायरीन शामिल हुए। इस अवसर पर आम नियाज का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने शर्बत पिलाया, मिठाइयां वितरित कीं और केक काटकर बाबा हुजूर का जन्मोत्सव मनाया। दीवाना शाह माध्यमिक विद्यालय एवं मदरसे के विद्यार्थियों ने हम्द, नात, मनकबत और बाबा हुजूर की जीवनी प्रस्तुत की। कुटिया में महफिल-ए-मिलाद और महफिल-ए-समां का आयोजन मोमीन मोहल्ला स्थित कुटिया में प्रमुख शिष्य स्वर्गीय मांगीलाल व्यास परिवार के सानिध्य में महफिल-ए-मिलाद आयोजित की गई, जहां अलम चढ़ाने की रस्म भी संपन्न हुई। सईद भाई एंड पार्टी ने ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की शान में सूफियाना कलाम पेश किए। इस दौरान हजरत दीवाना शाह साहब द्वारा हस्तलिखित मनकबत सहित अन्य रचनाओं का भी पाठ किया गया। इसके बाद आयोजित महफिल-ए-समां में कव्वालों ने सूफियाना कलाम प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर कर दिया। दरगाह प्रबंधन के अनुसार 85वां उर्स 21 से 23 जुलाई तक आयोजित किया जाएगा। तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन का समापन 23 जुलाई को कुल की फातिहा के साथ होगा। उर्स को लेकर दरगाह परिसर और आसपास तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।