करौली में बाल विवाह की रोकथाम और 'बैक टू स्कूल' अभियान को प्रभावी बनाने के लिए जिला स्तर पर फ्रंटलाइन वर्कर्स की एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में बाल विवाह पर अंकुश लगाने और शिक्षा से वंचित बच्चों को दोबारा स्कूलों से जोड़ने के लिए एक समन्वित कार्ययोजना पर बल दिया गया। स्कूल से दूर बच्चों को फिर जोड़ा जाएगा यह बैठक जिला प्रशासन और एक्शनएड एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में शिकारगंज भट्टे पर हुई। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अनिल शर्मा ने बताया कि आगामी विवाह सीजन को देखते हुए बाल विवाह रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरती जाएगी। उन्होंने ड्रॉपआउट और अनामांकित बच्चों को स्कूलों में पुनः नामांकित कराने के लिए विभिन्न विभागों और सामाजिक संगठनों के बीच समन्वय बढ़ाने पर भी जोर दिया। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी समिति सदस्य फजले अहमद ने जानकारी दी कि संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी और जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा सहयोगिनियों, शिक्षकों और स्वयंसेवकों को बाल विवाह से संबंधित कोई भी सूचना तुरंत अधिकारियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। जागरूकता से बदलेगी तस्वीर एक्शनएड के जिला समन्वयक दिनेश कुमार बैरवा ने बताया कि 'बैक टू स्कूल' अभियान के तहत घर-घर संपर्क कर बच्चों को दोबारा शिक्षा से जोड़ा जाएगा। इसके लिए ग्राम सभाओं, रैलियों और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से जागरूकता फैलाई जाएगी। कानून तोड़ा तो होगी सख्त कार्रवाई बैठक में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिनियम के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त, पुलिस, प्रशासन और बाल संरक्षण इकाइयों के बीच एक त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र विकसित करने पर भी बल दिया गया।