करौली जिले में पांचना बांध के पानी को लेकर चल रहे आंदोलन के कारण इंटरनेट बंद है। रात 12 बजे से पूरे जिले में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई। इसके अलावा सवाई माधोपुर जिले की 3 तहसीलों गंगापुर सिटी, बामनवास और वजीरपुर में भी इंटरनेट बंद है। दरअसल, पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़ने के बाद भी कमांड एरिया में पानी नहीं पहुंचा था। इससे नाराज किसानों ने करौली-सवाई माधोपुर जिले के कई गांवों में धरना-प्रदर्शन किया और नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे के साथ ही अन्य प्रमुख रास्ते बंद कर दिए थे। मामले को लेकर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट और टिप्पणियों के बाद माहौल गर्मा गया था। पुलिस ने 2 समाजों के कुछ लोगों के खिलाफ अलग-अलग थानों में मुकदमे दर्ज किए। सोशल मीडिया पर भड़काऊ और अभद्र टिप्पणियां रोकने के लिए इंटरनेट सेवा बंद कर दी। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी है कि अफवाह फैलाने, भड़काऊ सामग्री शेयर करने या कानून व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। मंत्रियों के आश्वासन के बाद आंदोलन खत्म जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत और कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा की अध्यक्षता में गुरुवार अलसुबह 3 से 4 बजे के बीच गंगापुर सिटी में बैठक हुई, जिसमें दोनों जिलों के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ कमांड क्षेत्र के किसान प्रतिनिधि शामिल हुए। किसानों ने समयबद्ध जल वितरण, नहरों की मरम्मत, तकनीकी खामियों के स्थायी समाधान, पारदर्शी जल प्रबंधन और भविष्य में ऐसी समस्याओं की पुनरावृत्ति रोकने सहित कई सुझाव सरकार के समक्ष रखे। मंत्रियों ने किसानों को आश्वस्त किया कि उनकी सभी उचित मांगों पर सकारात्मक और समयबद्ध कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीण विकास विभाग के सचिव कृष्ण कुणाल ने बताया कि पांचना परियोजना के टेस्ट रन के दौरान सामने आई तकनीकी खामियों का स्थायी समाधान किया जा रहा है, ताकि भविष्य में सिंचाई व्यवस्था प्रभावित न हो। 20 साल बाद खुले गेट, 7 दिन में मरम्मत के निर्देश जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा- करीब 20 साल बाद बांध के गेट खुलने के कारण तकनीकी समस्याएं सामने आई हैं। उन्होंने किसानों को हुई असुविधा पर खेद जताते हुए अधिकारियों को सभी गेटों और संबंधित संरचनाओं की गुणवत्तापूर्ण मरम्मत 7 दिनों में पूरी करने के निर्देश दिए। 17-18 जुलाई को होगा दोबारा परीक्षण मंत्री रावत ने बताया कि 17-18 जुलाई को किसान प्रतिनिधियों की मौजूदगी में बांध के गेटों का पुनः परीक्षण किया जाएगा। साथ ही कमांड एरिया की नहरों में पानी छोड़कर पूरी सिंचाई व्यवस्था का परीक्षण किया जाएगा, ताकि किसानों को निर्बाध सिंचाई जल उपलब्ध कराया जा सके। प्रमुख मांगों पर सहमति के बाद किसानों ने धरना खत्म कर दिया और गंगापुर सिटी-हिंडौन मार्ग पर कुसाय और मेडी पास में लगा जाम खोल दिया। मंत्री किरोड़ीलाल ने धरनास्थलों पर किसानों से बात की इससे पहले कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने आधी रात को विभिन्न धरनास्थलों का दौरा किया। उन्होंने कहा कि सरकार कमांड और कैचमेंट क्षेत्र के सभी किसानों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है। किरोड़ीलाल मीणा ने किसानों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील करते हुए भ्रामक सोशल मीडिया संदेशों से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा- कुछ लोग माहौल को तनावपूर्ण बनाने का प्रयास कर रहे हैं। हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। यह खबर भी पढ़े... 1. 2-जिलों में 40-घंटे से ज्यादा समय से कई रास्ते बंद:पांचना बांध से छोड़ा पानी नहरों में नहीं पहुंचने से किसान नाराज; हाईवे पर भी जाम करौली जिले में पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़ने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब आंदोलन में बदल गया। नहरों में पानी छोड़ने के बाद भी किसानों ने कई स्थानों पर जाम लगा दिए। करौली और सवाई माधोपुर जिलों के कई रास्तों पर 40 घंटे से ज्यादा समय से ट्रैफिक जाम रहा। (पूरी खबर पढ़ें) 2. पांचना बांध से 20 साल बाद छोड़ा गया पानी:74 गांवों के बीच चल रहा था विवाद, लिफ्ट परियोजनाओं का भी शिलान्यास करौली जिले के पांचना बांध से 20 साल बाद 6 जुलाई को पानी छोड़ा गया। बांध के 3 गेट खोलकर गंभीरी नदी में पानी की निकासी शुरू की गई। इसके साथ ही बांध से जुड़ा पानी निकासी का 20 साल पुराना विवाद भी खत्म हो गया। इस दौरान गुडला पांचना लिफ्ट में भी पानी छोड़ने की शुरुआत की गई। (पूरी खबर पढ़ें)