करौली जिले में पांचना बांध से नहरों में पानी निकासी का विवाद अब बड़े आंदोलन में बदल गया है। मंगलवार को जिलेभर में किसानों ने चक्काजाम कर दिया, जिससे करौली, हिंडौन, गंगापुर, जयपुर और धौलपुर को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों पर यातायात ठप हो गया। रोडवेज बसों का संचालन भी पूरी तरह बाधित रहा, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी हुई। यह आंदोलन पांचना बांध से नहरों में छोड़े गए पानी के कमांड क्षेत्र तक न पहुंचने के विरोध में शुरू हुआ है। कुड़गांव-सपोटरा सड़क मार्ग पर मंडावरा गांव और मांच गांव के समीप किसानों ने चक्काजाम किया। प्रदर्शनकारी किसानों का आरोप है कि पानी की निकासी से उनके क्षेत्र के हित प्रभावित होंगे। सूचना मिलने पर थाना अधिकारी मंजू फौजदार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। जाम के कारण करौली जिला मुख्यालय से हिंडौन, गंगापुर, जयपुर और धौलपुर जाने वाले सभी प्रमुख मार्ग बाधित रहे। यातायात ठप होने से रोडवेज बसों का संचालन पूरी तरह बंद हो गया, जिससे निजी वाहनों और यात्रियों को भी घंटों इंतजार करना पड़ा। मंगलवार शाम को करौली-हिंडौन मार्ग पर स्थित गुडला गांव में भी गुडला पांचना संघर्ष समिति के बैनर तले किसानों ने जाम लगाकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। समिति के अध्यक्ष अशोक सिंह ने बताया कि उनकी समिति ने सभी शर्तों का पालन किया है, इसके बावजूद सोशल मीडिया पर उनके सदस्यों और समाज के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां की जा रही हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिन क्षेत्रों का नहर के पानी से कोई सीधा संबंध नहीं है, वहां भी जाम लगाया जा रहा है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी हो रही है। समिति ने ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। जिले के विभिन्न हिस्सों में धरना-प्रदर्शन और चक्काजाम जारी हैं, जिससे आम जनता के साथ-साथ परिवहन व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। प्रशासन किसानों से बातचीत कर स्थिति को सामान्य बनाने के प्रयासों में जुटा हुआ है।