विशिष्ट पॉक्सो कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म के एक मामले में आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। विशिष्ट न्यायाधीश बृजेश शर्मा ने दोषी पर 1 लाख 10 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। न्यायालय ने पीड़िता को 'पीड़ित प्रतिकर स्कीम' के तहत 4 लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान करने का भी आदेश दिया है। अधिवक्ता गजेंद्र शर्मा ने बताया कि यह घटना 15-16 मई 2025 की मध्यरात्रि की है। सदर थाना करौली क्षेत्र में नाबालिग बालिका के घर में आरोपी और एक अपचारी बालक जबरन घुस गए थे। उन्होंने बालिका को डरा-धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। बालिका के चिल्लाने पर उसके चाचा मौके पर पहुंचे और उन्होंने अपचारी बालक को पकड़ लिया, जबकि मुख्य आरोपी वहां से भागने में सफल रहा। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच पूरी की और 7 अगस्त 2025 को मुख्य आरोपी के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया। न्यायालय में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 15 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए और आवश्यक दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए गए। दोनों पक्षों की बहस सुनने और सबूतों का अवलोकन करने के बाद, न्यायालय के विशिष्ट न्यायाधीश बृजेश शर्मा ने आरोपी को दोषी करार देते हुए यह फैसला सुनाया।