करावड़ी गांव के ग्रामीणों ने गौ सेवा और सामूहिक सहयोग की मिसाल पेश करते हुए एक अनोखी पहल की है। गांव में गोशाला और विचरण कर रही निराश्रित गायों के लिए हरे चारे की व्यवस्था करने के उद्देश्य से किसानों ने तीन दिनों तक चले अभियान में एक साथ 15 से 20 ट्रैक्टरों के माध्यम से बाजरे सहित अन्य चारा फसलों की बुवाई की। मानसून की अच्छी बारिश के बाद गोचर भूमि और गोशाला की भूमि में पर्याप्त नमी होने से किसानों ने सामूहिक रूप से यह अभियान शुरू किया। सुबह से ही बड़ी संख्या में किसान अपने ट्रैक्टर लेकर खेतों में पहुंचे और एकजुट होकर बुवाई कार्य में जुट गए। ग्रामीणों ने कहा है कि गोवंश के लिए सालभर हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करना इस पहल का मुख्य उद्देश्य है। गांव के युवाओं और किसानों ने भी इस कार्य में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई और पूरे उत्साह के साथ बुवाई कार्य को सफल बनाया। इस अवसर पर करावड़ी महंत कृपाचार्य महाराज ने कहा कि गोसेवा भारतीय संस्कृति की पहचान है। उन्होंने बताया कि गांव के लोगों ने आपसी सहयोग और समर्पण की भावना से यह कार्य शुरू किया है, ताकि गोशाला में रह रही तथा आसपास विचरण करने वाली गायों को पर्याप्त हरा चारा मिल सके। ग्रामीणों ने बताया कि यदि इसी प्रकार समय-समय पर सामूहिक प्रयास किए जाएं तो गायों के लिए चारे की समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है।