जिला एवं सत्र न्यायाधीश आलोक सुरोलिया ने खानपुर थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी जोधाराम गुर्जर सहित अन्य पुलिसकर्मियों और आरोपियों की ओर से दायर निगरानी याचिका खारिज कर दी है। न्यायालय ने न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा पारित प्रसंज्ञान आदेश को विधिसम्मत मानते हुए मामले की सुनवाई जारी रखने के निर्देश दिए हैं। यह मामला खानपुर निवासी महेश कुमार गौतम द्वारा 18 जुलाई 2013 को न्यायिक मजिस्ट्रेट, खानपुर के समक्ष दायर परिवाद से जुड़ा है। परिवाद में आरोप लगाया गया था कि 6 जुलाई 2013 की रात तत्कालीन थाना प्रभारी जोधाराम गुर्जर पुलिस टीम के साथ उन्हें जबरन पुलिस जीप में बैठाकर थाना खानपुर ले गए थे। वहां महेश कुमार गौतम को अवैध अभिरक्षा में रखकर मारपीट की गई। साथ ही, एनकाउंटर की धमकी देकर विभिन्न बैंकों से करीब 14.15 लाख रुपए निकलवाकर खानपुर के व्यापारी अजय गोयल को दिलवा दिए गए। इस मामले की जांच के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट, खानपुर ने अपहरण, अवैध रूप से बंधक बनाने, मारपीट और जबरन धनराशि वसूलने के आरोपों में प्रसंज्ञान लेते हुए कार्रवाई के आदेश दिए थे। इस आदेश के खिलाफ तत्कालीन थाना प्रभारी जोधाराम गुर्जर, पुलिस कॉन्स्टेबल सुरेश पारेता, रामेश्वर माली, पुलिस जीप ड्राइवर रामवीर सिंह, नंदकिशोर सहित अन्य आरोपियों ने जिला एवं सत्र न्यायालय में निगरानी याचिका दायर की थी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने याचिका खारिज करते हुए प्रसंज्ञान आदेश को सही माना और कहा कि आरोपियों के विरुद्ध खानपुर न्यायालय में आपराधिक मामले का विचारण जारी रहेगा। परिवादी महेश कुमार गौतम की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता ओंकारेश्वर शर्मा ने बताया कि इस मामले में पुलिसकर्मियों के अलावा खानपुर के व्यापारी अजय गोयल, दीपू अग्रवाल, राजू राठौर और दयाकिशन को भी वारंट जारी कर न्यायालय में तलब किया गया है।