कोटा में ‘भास्कर समाधान’ पर आई 5 सिविक समस्याओं का समाधान हो गया है। खुले ट्रांसफॉर्मर को सुरक्षित करवाने वाले KEDL के सेफ्टी हेड अंशुल चौरसिया आज 'पब्लिक के स्टार' बने हैं। वहीं अस्पताल, रोड लाइट और बिजली के खुले बॉक्स से जुड़ी शिकायतों पर विभागीय कार्रवाई जारी है। पहले एक नजर उन समाधानों पर जिससे लोगों को राहत मिली… अंशुल चौरसिया बने 'पब्लिक के स्टार' गौरव अग्रवाल ने शहर के चौपाटी बाजार के सामने, रघु पान वाले की गली में लगे ट्रांसफॉर्मर की डीपी बारिश में खुली होने की समस्या शेयर की थी। उन्होंने बताया कि यहां से स्कूली बच्चे, मंदिर जाने वाले श्रद्धालु और बेसहारा पशुओं का आना–जाना है। ऐसे में मॉनसून के दौरान करंट फैलने और बेसहारा पशुओं के चपेट में आने का डर बना हुआ है। ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट होने के बाद केईडीएल के सेफ्टी हेड अंशुल चौरसिया ने टीम की मदद से डीपी को कवर करवा दिया। एक पोस्ट में जाम नालियां हुईं साफ कोटा के कैथूनीपोल, विक्रम चौक, रामपुरा से अनिल ने नालियों की नियमित सफाई न होने की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि मॉनसून आने के बाद भी अब तक क्षेत्र में नालियों की सफाई अधूरी हैं और लोगों को बारिश में जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ेगा। सफाई कर्मचारियों को इस संबंध में कई बार शिकायत कर चुके लेकिन निगम के कर्मचारी इस पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। मामला ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट होने पर वार्ड के हैल्थ इंस्पेक्टर जोधराज झांझोट ने सफाई करवा समाधान कर दिया। एक साल बाद हुई नालियों की सफाई मनोज जैन ने रंगबाड़ी के सुभाष नगर से नालियों की सफाई न होने का मुद्दा पास्ट किया था। उन्होंने बताया कि उनकी कॉलोनी में बीते एक साल से न तो नालियों का कचरा निकाला गया है न ही सफाई की गई है। निगम के सफाई कर्मचारी यहां आते ही नहीं हैं। सड़क पर झाड़ियां और कचरा जमा होने से गंदगी फैली है। बारिश में जहरीले जीव भी घरों में घुसते हैं। समस्या सामने आने के बाद निगम के हैल्थ इंस्पेक्टर धर्मेन्द्र कुमार ने कर्मचारी भेजकर सफाई करवा समाधान करवा दिया। ट्रांसफॉर्मर के पास पड़ा कचरा हटाया जादौन हाउस रोड, आकाशदीप हाइट्स, कुनरी से हिमांशु तिवारी ने ट्रांसफॉर्मर के पास जाली न लगे होने के कारण लोगों के वहां कचरा डालने की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा कि फेंसिंग न होने का बहाना बनाकर सफाईकर्मी भी यहां सफाई नहीं करते। कई दिनों तक कचरा यूं ही खुले में पड़ा रहता है। जबकि यहां से 20 मीटर दूर ही डस्टबिन भी है। इस पर कार्रवाई करते हुए संबंधित विभाग के सुपरवाइजर सुरेश ने सफाई करवा दी है और लोहे की जाली लगाने की प्रक्रिया भी जारी है। खाली प्लॉट की सफाई कर दी राहत संजय ने आदित्य आवास योजना से खाली प्लॉट में बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आने और कचरा डालने की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने ‘भास्कर समाधान’ पर अपनी पोस्ट में लिखा था कि घर के सामने मौजूद खाली प्लॉट में कचरा और झाड़ियां जहरीले जीव जंतुओं का घर बन गई हैं। आए दिन जहरील जीव बारिशसे बचकर घर में घुस रहे हैं। निगम कर्मचारी भी सफाई नहीं करवा रहे हैं। प्लॉट मालिक भी न तो जगह की सफाई करवाता है न ही बाउंड्री वॉल ही दुरुस्त करवा रहा है। इस समस्या के पोस्ट होने के बाद निगम के हैल्थ इंस्पेक्टर ने जेसीबी मशीन लगाकर पूरे प्लॉट की सफाई करवा दी और खरपतवार उखाड़कर जगह बिल्कुल साफ कर दी। इससे गली के लोगों को काफी राहत मिली है। एप से लोगों को मिल रहा समाधान अपने क्षेत्र की समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों और जिम्मेदारों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर, गांव या गली की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… अब उन समस्याओं पर एक नजर जिनके समाधान होना अभी बाकी हैं… बिजली के खुले बॉक्स से खतरा इमरान ने कोटा के सिटी पार्क एरिया से बिजली के बॉक्स के खुले में होने की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि रामचंद्रपुरा के धानमंडी इलाके में सिटी पार्क पुलिया के नीचे बिजली का बॉक्स खुला हुआ है। इससे बारिश में करंट फैलने का डर बना हुआ है। इस खुले बॉक्स से बेसहारा पशुओं और राहगीरों को मॉनसून में खतरा हो सकता है। पूर्व में भी इसकी शिकायत की जा चुकी है लेकिन संबंधित विभाग ने अब तक न तो इसे ठीक किया है न ही इसे कवर किया है। गभर्वती महिलाएं हो रहीं परेशान कोटा के रामपुरा से समीर अंसारी ने सैटेलाइट अस्पताल की समस्या पोस्ट कर समाधान की अपील की है। उन्होंने लिखा कि रामपुरा सैटेलाइट हॉस्पिटल में जांच केंद्र पर गर्भवती महिलाओं एवं बुजुर्गों को बहुत परेशानी उठानी पड़ रही है। दरअसल, खून व पेशाब की जांच के दौरान सैंपल देने के लिए जांच केंद्र के पास बना शौचालय अक्सर बंद रहता है। कर्मचारी बहाने बनाकर ताला नहीं खोलते, जिससे मरीजों को दूर बने सार्वजनिक शौचालय तक जाना पड़ता है। गर्भवती महिलाओं के लिए यह स्थिति बेहद कष्टदायक है। प्रशासन से अनुरोध है कि मरीजों की सुविधा के लिए जांच केंद्र का शौचालय नियमित रूप से खुलवाएं और जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई करें। जहरीले जीवों से बढ़ा खतरा आरोग्य नगर, आरकेपुरम से एक यूजर ने घर के सामने खाली प्लॉट में कचरा न हटाने की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि विवेकानंद नगर में नेहरू और शिव पार्क के सामने प्लॉट संख्या 157 से 170 खाली हैं जिनमें झाड़ियां, कचरा और मलबा पड़ा हुआ है। पानी भरने से मच्छर पनप रहे हैं। वहीं बिलों में नेवले और जहरीले सांप–बिच्छू भी रह रहे हैं जो अक्सर बारिया के दौरान बाहर निकल आते हैं। पार्षद, मंत्री और यूआईटी के भी शिकायत कर चुके लेकिन समाधान नहीं हो पाया है। हमारी अपील है कि वे इसकी साफ–सफाई करवा कर कॉलोनी के लोगों को सुरक्षित करें। बंद रोड लाइट से परेशानी कोटा के सोगारिया रोड, पूनम कॉलोनी, रेलवे स्टेशन एरिया से राधा ने स्ट्रीट एवं रोड लाइट्स खराब होने की समस्या ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि उनके एरिया दुर्गा नगर विस्तार में गली के अंदर लगे बिजली पोल पर कई दिनों से रोड लाइट्स और स्ट्रीट लाइट्स नहीं जल रही हैं। बारिश के मौसम में रात को आने–जाने में काफी परेशानी होती है।निगम के कर्मचारियों को भी इसकी शिकायत कर चुके हैं लेकिन सुनवाई नहीं होती। इस समस्या का समाधान करें। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ‘भास्कर समाधान’ की ये खबरें भी पढ़िए… 1.*'भास्कर समाधान' में सुरेन्द्र बने 'पब्लिक के स्टार':* निगम को मृत गाय उठाने की फुर्सत नहीं, जाम ड्रेनेज सिस्टम से कॉलोनी परेशान 2.*'भास्कर समाधान': आपकी समस्या एक पोस्ट में हल:* कोटा में टूटी सड़क, बिजली और गड्ढे बड़ी समस्या, 15 दिन पुराना गड्ढा भरा, प्लॉट का कचरा उठा 3.*'भास्कर समाधान' पर प्रेमचंद बने 'पब्लिक के स्टार':* जिस नाले में गिरा बछड़ा, उसे अब तक नहीं ढका, पार्किंग में स्टॉल लगाई, गाड़ी भी नहीं खड़ी करने देते 4.*पार्षद तबस्सुम बनीं 'पब्लिक की स्टार':* पार्क में टूटे झूले, ग्राउंड पर कचरा, कहां खेलें नौनिहाल, 15 दिन से नहीं हटाया रास्ते पर गिरा पेड़ 5. *कोटा में रोड लाइट और नाली की समस्या का समाधान:* जर्जर मकान, कचरा और अधूरी नाली से बढ़ी परेशानी, अरुण झावा बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 6. *भास्कर समाधान: बंद स्ट्रीट लाइट का हुआ समाधान:* झूलते बिजली के तार, अधूरी सड़क-नाली जैसी समस्याओं से परेशान लोग, धर्मेंद्र कुमार बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 7. *हैल्थ इंस्पेक्टर मनोज बने 'स्टार ऑफिसर':* नयागांव में लगी रोड लाइट, बोरखेड़ा में साफ हुई नालियां; मगरमच्छ और बंद वॉटर कूलर जैसी समस्या अब भी लंबित