कोटा के हाथीखेड़ा गांव में गुरुवार को 8 फीट लंबा मगरमच्छ घुसने से हड़कंप मच गया। मगरमच्छ इधर-उधर भागने लगा तो गांव में दहशत फैल गई। इस दौरान ग्रामीणों ने हिम्मत कर उसे घेर लिया और रस्सी से बांध दिया। लेकिन मगरमच्छ ने छटपटाहट के साथ तीन बार रस्सी तोड़ दी। इस दौरान मगरमच्छ बकरियों के बाड़े में जाकर बैठ गया। सूचना के बाद मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद मगरमच्छ को रेस्क्यू किया। तब जाकर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। पहले देखिए, मगरमच्छ के रेस्क्यू की PHOTO'S चंद्रलोई नदी से गांव में आया 8 फीट लंबा मगरमच्छ स्थानीय निवासी सोहल लाल ने बताया कि करीब रात साढ़े 8 बजे चन्द्रलोई नदी से एक 8 फीट लम्बा मगरमच्छ खेत से होते हुए गांव में आ गया। लोगों ने इसकी सूचना फॉरेस्ट विभाग को दी। टीम के नहीं पहुंचने तक ग्रामीणों ने मगरमच्छ को पकड़ने का प्रयास किया। उसके ऊपर बोरी डालकर काबू किया। फिर रस्सी से बांध दिया। लेकिन मगरमच्छ ने तीन बार रस्सी तोड़ दी और इधर-उधर भागा। इस दौरान मेरे मकान के पीछे बने बकरे के बाड़े तक जा पहुंचा। बाड़े में करीब दो फीट ऊंची टीन शेड की बाउंड्री की हुई थी। मगरमच्छ ने बाउंड्री पर चढ़कर अंदर घुसने की कोशिश की। रात 11 बजे के आसपास फॉरेस्ट की टीम पहुंची। तब भी मगरमच्छ ने उन्हें छकाया। और रस्सी से छुटकर इधर उधर भागा। कडी मशक्क़त के बाद उसे पकड़ा और अपने साथ ले गए। सोहेल ने बताया की गांव के पास भी चन्द्रलोई नदी है। जहां मगरमच्छ रहते है और एक दो खेत पार करके गांव में आ जाते है। मगरमच्छ सम्भवतया शिकार की तलाश में आया होगा।