हाड़ौती क्षेत्र में मानसून की बेरुखी के कारण किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही थी, लेकिन अब उन्हें एक बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद भंवरासा बांध से हरिश्चंद्र सागर परियोजना की नहरों में पानी छोड़ दिया गया है। इससे खानपुर, सांगोद और पनवाड़ क्षेत्र के किसानों की फसलों को नया जीवन मिल सकेगा। गौरतलब है कि खानपुर, सांगोद और पनवाड़ क्षेत्र में मानसून की सुस्त रफ्तार और बारिश के लंबे अंतराल (खेंच) के कारण खेतों में खड़ी धान की फसलें सूखने की कगार पर पहुंच गई थीं। इससे किसान बेहद परेशान थे। किसानों की इस गंभीर समस्या और उनकी पीड़ा को देखते हुए ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने मुख्यमंत्री से फोन पर बात की और उन्हें जमीनी हकीकत से अवगत कराया। ऊर्जा मंत्री ने मुख्यमंत्री को बताया कि पानी के अभाव में किसानों की मेहनत और भारी लागत, दोनों डूबने की स्थिति में हैं। मुख्यमंत्री ने तुरंत भंवरासा बांध से हरिश्चंद्र सागर परियोजना की नहरों में पानी छोड़ने के निर्देश जारी कर दिए। प्रिंसिपल सेक्रेटरी के आदेश के बाद शुरू हुआ जल प्रवाह ​मुख्यमंत्री से हरी झंडी मिलते ही प्रशासनिक और विभागीय अमला पूरी तरह मुस्तैद हो गया। जल संसाधन विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी अभय कुमार ने उच्च स्तरीय समीक्षा कर तत्काल प्रभाव से नहरों में जल प्रवाह शुरू करने के आदेश जारी किए। विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे बिना समय गंवाए नहरों के अंतिम छोर तक पानी पहुंचाना सुनिश्चित करें। आदेश मिलते ही विभाग स्तर पर कार्रवाई शुरू की गई और अब नहरों में पानी छोड़ दिया गया है। पूर्व में नहरों में पानी का प्रवाह बंद कर दिया गया था। जिसके बाद से क्षेत्र में बारिश नहीं हुई और खेतों में दरारें पड़ने लगी थीं। मंत्री नागर ने कहा कि सरकार पूरी तरह किसानों को समर्पित है और संकट की इस घड़ी में हम हर कदम पर उनके साथ मुस्तैद खड़े हैं। किसी भी किसान की मेहनत बेकार नहीं जाने दी जाएगी।