कोटा में भीषण गर्मी के बीच पिछले पांच दिन बाद मंगलवार को शहर के तापमान में कुछ गिरावट देखने को मिली है। मंगलवार को शहर में अधिकतम तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि मिनिमम तापमान 27.4 डिग्री रहा। भले ही तापमान में गिरावट रही हो। पिछले 10 से लगातार तापमान 40 डिग्री से ऊपर ही बना हुआ है। सोमवार को गर्मी ने पिछले आठ साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया था, पारा 45.7 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। भीषण गर्मी को देखते हुए वकीलों ने जिला कलेक्टर पीयूष सांमरिया को ज्ञापन सौंपकर स्कूली बच्चों की छुट्टी की मांग की है। झुलसा देने वाली गर्मी में बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है। हालांकि, गर्मी को देखते हुए हाल में ही स्कूलों के समय में परिवर्तन किया गया था, लेकिन गर्मी का असर सुबह आठ बजे से ही तेज होने लगता है। सड़कों पर पसरा सन्नाटा तेज धूप लोगों को परेशान कर रही है। हालत यह है कि सुबह आठ बजे से ही तेज धूप की चुभन महसूस होने लग जाती है। सुबह 11 बजे बाद शहर की सड़क लगभग सुनसान नजर आती है। इस भीषण गर्मी के बीच कुछ ही वाहन सड़कों पर नजर आते हैं। सोमवार को 8 साल का गर्मी का टूटा था रिकॉर्ड गर्मी से बचाव के लिए और जरूरी काम से बाहर निकलने वाले लोग गर्मी से बचने के जतन करते नजर आ रहे हैं। इस बार अप्रैल में कोटा में तापमान में काफी अंतर देखने को मिला है। सोमवार को ही अप्रैल महीने में सबसे ज्यादा तापमान का आठ साल का रिकोर्ड टूटा था, जब पारा 45.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। गर्मी से स्कूटी में लगी आग वहीं तेज गर्मी के चलते मंगलवार को कोटा में ईथास अस्पताल के पीछे एक स्कूटी में आग लग गई। आग का प्रारंभिक कारण तेज गर्मी की वजह माना जा रहा है। आग की सूचना पर दमकल की एक गाड़ी मौके पर पहुंची। दमकल आग पर काबू पाती तब तक स्कूटी पूरी तरह से जलकर राख हो चुकी थी। गर्मी में बंदरों ने पानी में लगाई डुबकियां कोटा में तेज गर्मी के चलते लोगों के साथ-साथ पशु पक्षी भी तेज गर्मी से राहत के उपाय तलाशते नजर आ रहे हैं। कोटा के राजकीय म्यूजियम के अंदर बने फांउटेन में भीषण गर्मी के बीच ठंडक पाने के लिए बंदरों का झुंड पानी में अठखेलियां करता हुआ नजर आया। यहीं नहीं, फाउंटेन की ऊंची दीवार से बंदर बार-बार उछलकूद कर डुबकियां लगाते हुए नजर आए। गर्मी से स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा असर मंगलवार को जिला कलेक्टर को ज्ञापन देते हुए अभिभाषक परिषद के अध्यक्ष भारत सिंह ने बताया कि कोटा में लगातार बढ़ती भीषण गर्मी और लू के प्रकोप ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। उन्होंने कहा कि तापमान पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड को पार कर अत्यधिक उच्च स्तर पर पहुंच चुका है, जिससे आम लोगों के साथ-साथ स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है। गर्मी में रोजाना स्कूल जाना खतरनाक महासचिव शंभू सोनी ने बताया कि छोटे बच्चों के लिए इस झुलसा देने वाली गर्मी में रोजाना स्कूल जाना खतरनाक बन गया है। बच्चों में लू लगने, डिहाइड्रेशन और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की आशंका लगातार बनी हुई है। इस स्थिति को लेकर अभिभावकों में गहरी चिंता है। अभिभावक परिषद ने प्रशासन से तत्काल प्रभाव से सभी सरकारी और गैर-सरकारी स्कूलों में अवकाश घोषित करने की मांग की है। गर्मी के चलते प्रशासन को जल्द फैसला लेना चाहिए परिषद का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह कदम बेहद जरूरी है, ताकि भीषण गर्मी के दुष्प्रभावों से उन्हें बचाया जा सके। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि यह मामला संवेदनाओं और बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है, इसलिए प्रशासन को जल्द सकारात्मक निर्णय लेते हुए स्कूलों में छुट्टियां घोषित करनी चाहिए।