कोटा शहर की उद्योग नगर थाना पुलिस ने युवकों को प्रेम जाल में फंसाकर ब्लैकमेल करने वाले हनी ट्रैप गैंग का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में चार पुरुष और दो महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह अब तक 6 से 7 युवकों को निशाना बनाकर उनसे 5 लाख रुपए से ज्यादा की वसूली कर चुका है। उद्योग नगर थाना अधिकारी मांगेलाल यादव ने बताया कि मामले का खुलासा एक पीड़ित युवक की शिकायत के बाद हुआ। युवक ने पुलिस को बताया कि एक महिला ने फोन पर उससे दोस्ती की और मिलने के बहाने उसे एक कमरे पर बुलाया। वहां उसके कपड़े उतरवाकर पहले से मौजूद गिरोह के अन्य सदस्यों ने अश्लील वीडियो बना लिया। इसके बाद वीडियो वायरल करने, झूठे रेप केस में फंसाने और पुलिस कार्रवाई करवाने की धमकी देकर उससे 90 हजार रुपए वसूल लिए गए। गैंग के हर सदस्य की थी अलग जिम्मेदारी पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से काम करता था। पुरुष सदस्य शहर के अलग-अलग इलाकों में घूमकर युवकों से दोस्ती करते थे और उनका मोबाइल नंबर हासिल कर महिला सदस्यों को दे देते थे। इसके बाद महिला आरोपी युवकों से फोन पर बातचीत कर उन्हें अपने प्रेम जाल में फंसाती थीं। कुछ दिनों तक संपर्क बनाए रखने के बाद मिलने के बहाने कमरे पर बुलाया जाता था, जहां पहले से मौजूद गैंग के सदस्य चोरी-छिपे वीडियो बना लेते थे। बाद में इन्हीं वीडियो के जरिए युवकों को ब्लैकमेल किया जाता था। बदनामी के डर से नहीं करते थे शिकायत गिरोह के सदस्य पीड़ितों को महिला के साथ जबरदस्ती के झूठे मुकदमे में फंसाने, पुलिस कार्रवाई करवाने और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देते थे। बदनामी के डर से कई युवक लाखों रुपए देकर चुप हो जाते थे और पुलिस में शिकायत नहीं करते थे। कई पुराने मामलों में आरोपी शामिल पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में नरेंद्र सिंह सोलंकी का नाम सामने आया है, जिस पर पहले से लूट, डकैती, मारपीट और हनी ट्रैप जैसे 10 से 12 गंभीर मामले दर्ज हैं। वह पहले भी इसी तरह के मामलों में गिरफ्तार हो चुका है। वहीं महिला आरोपी कोमल शर्मा पर भी पूर्व में आपराधिक प्रकरण दर्ज बताए गए हैं। मोबाइल से मिले वीडियो और चैट पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर जांच की, जिसमें कई युवकों के वीडियो और चैट मिले हैं। इसके बाद संभावित पीड़ितों से संपर्क किया गया, लेकिन ज्यादातर लोग बदनामी के डर से सामने नहीं आए। हालांकि कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र के एक युवक ने शिकायत दर्ज करवाई है। कोर्ट में पेश कर भेजा जेल पुलिस का कहना है कि यह गिरोह काफी समय से सुनियोजित तरीके से वारदात कर रहा था और रुपए कमाने का इसे शॉर्टकट तरीका मान चुका था। पुलिस ने सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। फिलहाल गिरोह से जुड़े अन्य मामलों, संभावित पीड़ितों और इनके नेटवर्क की जांच जारी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे में न आएं और ऐसी घटना होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।