कोटा में पूर्व चिकित्सा मंत्री परसादी मीणा ने अस्पताल प्रबंधन और सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि जिम्मेदारों पर सख्त एक्शन नहीं हुआ तो लोगों का हॉस्पिटल से विश्वास उठ जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सीनियर डॉक्टरों ने मरीजों को रेजिडेंट्स के भरोसे छोड़ दिया और गंभीर लापरवाही बरती गई। पूर्व मंत्री मीणा ने सरकार की अब तक की कार्रवाई को अपर्याप्त (नाकाफी) बताते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कदम उठाने की मांग की। पीसीसी के निर्देश पर पूर्व चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा की अगुवाई में कांग्रेस की चार सदस्यीय टीम शनिवार को कोटा पहुंची है। टीम ने सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक में भर्ती महिलाओं की स्थिति और इलाज के बारे में जानकारी ली। इस दौरान कोटा मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. नीलेश जैन और जयपुर से आई डॉक्टर्स की टीम भी मौजूद रहीं। एचओडी और अधीक्षक पर उठाए सवाल- उन्होंने क्यों नहीं संभाला ? दरअसल, कोटा के न्यू मेडिकल हॉस्पिटल में 8 महिलाओं की तबीयत बिगड़ने और उनमें से 2 महिलाओं की मौत होने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पूर्व मंत्री परसादी लाल मीणा ने कहा कि यहां अस्पताल प्रशासन से लापरवाही हुई है और उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, चाहे वो एचओडी हो या अधीक्षक हो। उनकी भी जिम्मेदारी बनती है। इन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने देखा क्यों नहीं। पेशेंटो के पास कोई गया क्यों नहीं। क्यों मरीजों को रेजिडेंट डॉक्टर के भरोसे छोड़ दिया गया। ओटी, लेबर रूम और ऑपरेशन के बाद पेशेंट को संभालने में लापरवाही बरती मीडिया से बातचीत में पूर्व मंत्री मीणा ने कहा कि टीम ने अधिकारियों से बात की है, जिसमें एक ही जानकारी निकल कर आई है और वो है लापरवाही। पेशेंट के परिजन रो-रो कर बता रहे हैं कि हमें संभालने वाला कोई नहीं है। कमी के कारण ये घटना घटित हुई है। ओटी, लेबर रूम और ऑपरेशन के बाद पेशेंट को संभालने में लापरवाही बरती गई। जब ओटी और लेबर रूम ठीक नहीं है तो फिर काहे का ऑपरेशन। यह साफ तौर पर व्यवस्थाओं की कमी है। परसादी लाल मीणा ने कहा कि कोटा मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने भी यह सारी कमियां नोटिस की है। ओटी को सीज कर दिया। 15-20 तरह की दवाओं को सीज किया है, जो महिलाओं को दी गई थी। अस्पताल प्रशासन और डॉक्टर की कमियां रही है। कोटा हॉस्पिटल की जांच की रिपोर्ट तैयार कर पीसीसी चीफ को सौंपेंगे मीणा ने कहा कि 1 दिन में 6 ऑपरेशन होना और 6 महिलाओं की किडनी खराब होना, ऐसे तो सरकारी हॉस्पिटल में कोई डिलीवरी कराने ही नहीं आएगा। जनता का विश्वास उठ जाएगा। हमने कोटा में हॉस्पिटल पहुंचकर जांच की है। इसकी रिपोर्ट तैयार कर पीसीसी अध्यक्ष को देंगे। पूर्व मंत्री परसादी लाल मीणा ने सरकार की कार्रवाई को अपर्याप्त बताया उन्होंने कहा कि सरकार ने जो कार्रवाई की है, वह अपर्याप्त है। इस मामले में ठोस एक्शन होना चाहिए। अगर एक्शन नहीं हुआ तो सरकारी हॉस्पिटल्स से गरीबों का विश्वास उठ जाएगा और वो प्राइवेट हॉस्पिटल में जाने लग जाएंगे। सरकार की योजनाएं धरी की धरी रह जाएगी। इस पूरे मामले में सरकार को सख्त एक्शन लेना चाहिए। -------------------- मामले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… कोटा में दो महिलाओं की मौत, डॉक्टर बर्खास्त, 3 सस्पेंड:सिजेरियन डिलीवरी के बाद 8 की तबीयत बिगड़ी थी; 2 और मरीजों की किडनी फेल कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भर्ती 2 और महिलाओं की तबीयत बिगड़ गई। किडनी फेल होने पर उन्हें प्राइवेट हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया है। इससे पहले सिजेरियन डिलीवरी के बाद 2 महिलाओं की मौत हो चुकी है। कई की किडनी फेल है। वहीं अब जेके लोन अस्पताल से भी एक मामला सामने आया है। यहां सिजेरियन डिलीवरी के बाद महिला की तबीयत बिगड़ गई। (पूरी खबर पढ़ें…) कोटा मेडिकल कॉलेज में मौतों के बाद दवाइयों पर रोक:निशुल्क दवा योजना के तहत हुई थी सप्लाई, ऑपरेशन में काम आने वाले इंजेक्शन-ग्लूकोस पर भी पाबंदी कोटा में सीजेरियन डिलीवरी के बाद बिगड़ी तबीयत और 2 प्रसूताओं की मौत के बाद ड्रग डिपार्टमेंट ने उन दवाइयों के उपयोग पर रोक लगा दी है, जिनका उपयोग वहां हुआ था। ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट ने कोटा मेडिकल कॉलेज से गायनी वार्ड में (ऑपरेशन के बाद) उपयोग होने वाली 24 तरह की दवाइयों, उपकरणों के उपयोग पर रोक लगाई है। (पूरी खबर पढ़ें…)