कोटा में झालावाड रोड स्थित सिटी मॉल के दूसरे फ्लोर में बुधवार सुबह 10.28 बजे अचानक आग लग गई। फ्लोर पर स्थित मलेशिया बेस्ड स्टोर डीआईवाय के स्टोर में इलेक्ट्रॉनिक पैनल में अचानक आग लगी। आग बहुत तेजी से फैली और पूरे स्टोर में आग ने तांडव मचा दिया। आग की सूचना पर दमकल की एक के बाद एक गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू किए गए। भास्कर टीम ने मौके पर घटना के कारण, आग पर काबू पाने के लिए दमकलकर्मियों की मशक्कत और अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाई। सामने आया कि आग लगने के बाद फैलने का बड़ा कारण रहा स्टोर के अंदर के आईटम। डीआईवाय स्टोर एक जनरल स्टोर की तरह ही है। जिसमें स्टेशनरी, हाऊस होल्ड, प्लास्टिक समेत कई सामान बिक्री के लिए स्टोर किए गए थे। स्टोर अभी औपचारिक रूप से शुरू भी नहीं हुआ था, जल्द ही यह शुरू होना था। अभी यहां पर सिर्फ सामान स्टोर ही किया जा रहा था और कर्मचारी रोज स्टोर संभालने और अन्य कार्यों के लिए आ रहे थे। बुधवार सुबह करीब 10.28 बजे अचानक स्टोर में इलेक्ट्रिक केबल में आग लग गई। कर्मचारियों की इस पर नजर पड़ती उससे पहले ही लपटे स्टेशनरी तक पहुंच गई थी। जिसके बाद स्टोर में धुआं होना चालू हो गया और आग की लपटे उठने लगी। जिसके बाद स्टोर में हडकंप मच गया। एक कर्मचारी ने भागकर बाहर आग लगने का शोर मचाया। जिसके बाद थर्ड फ्लोर से नीचे आए सुरक्षाकर्मी ने ग्राउंड फ्लोर पर जाकर सिक्योरिटी इंचार्ज और मैनेजमेंट को सूचना दी। इतने में आग तेजी से फैली और पूरे स्टोर को अपने काबू में ले लिया। चूंकि यहां सिथेंटिक आईटम, प्लास्टिक भी थी जो आग के तेजी से फैलने का कारण बनी। दस मिनट के अंदर पहुंची पहली गाड़ी, धुएं से लगा पूरे फ्लोर में आग
चीफ फायर ऑफिसर अमजद खान ने बताया कि- हमारे पास साढे दस बजे आग की सूचना मिली थी। 10.35 पर श्रीनाथपुरम से एक दमकल लेकर हम यहां पहुंच गए थे। यहां आकर देखा तो आग भीषण लगी हुई थी। शुरूआत में आते ही देखा तो अंदर आग थी और धुआं ही धुआं था। धुआं काफी फैला हुआ था तो ऐसा लगा कि पूरे फ्लोर में आग लग चुकी है। ऐसे में हमने तुरंत सभी फायर स्टेशन से गाड़ियां मंगवाई। इसके बाद 14 गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू किए गए। हर गाड़ी के करीब दो चक्कर लगे हैं क्योंकि बार बार पानी भी खत्म हो रहा था ऐसे में चक्कर के हिसाब से करीब 28 गाड़ियों में दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इधर, आग लगने की सूचना मिलते ही हमारी तरफ से आस पास के भवन मालिकों को भी भवन खाली करने के लिए चेतावनी दे दी थी। पास में ही कोचिंग थी, एहतियात के तौर पर वहां भी जानकारी देकर चेतावनी दे दी थी कि आग लगी है। कोचिंग संस्थान के भवन भी सुरक्षा की दृष्टि से खाली करवा लिए गए थे। सीढियो से पहुंचे ऊपर, धुएं से घुटने लगा था दम
आग की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे दमकलकर्मी चंगेज खान ने बताया- हम मौके पर पहुंचे तो अंदर तक जाने का एक ही रास्ता था, ऐसे में सीढियो से सबसे पहले आग वाली जगह पहुंचे। अंदर आग की लपटे भी थी और धुआं भी था। वहां पहुंचकर हमने आग को बुझाने की कोशिश शुरू की। जैसे तैसे कर फॉम की मदद से आगे की आग को बुझाते हुए अंदर घुसने की कोशिश करते रहे। अंदर धुआं ही धुआं था तो अंदर दमकल कर्मचारियों का सांस लेना भी मुश्किल हो रहा था। ऐसे में धुएं को निकालना बहुत जरूरी था। क्योंकि स्टोर में वेंटिलेशन पीछे की तरफ था लेकिन वहां से धुआं बाहर कम निकल रहा था। इसके बाद हमारी टीम के अन्य कर्मचारी बाहर से लेडर लगाकर दूसरे फ्लोर तक पहुंचे और स्टोर के कांच को तोड़ने की कोशिश करते रहे। यहां पांच बडे़ कांच थे, जिन्हें तोड़ा गया और वेंटिलेशन की व्यवस्था की ताकि धुआं बाहर निकले। इसके बाद बाकि टीम अंदर पहुंचकर पूरी तरह काबू करने के प्रयास शुरू किए। चार लाइनों(पाइप नोजल ) की मदद से फायर फायटिंग शुरू की। इसके अलावा स्टोर के पीछे की तरफ भी एक गेट था वहां से भी पानी की लाइन को अंदर तक लाया गया। करीब बीस दमकलकर्मी अंदर आग को बुझाने में जुटे रहे। लाइट कटने की वजह से नहीं चले पानी के पंप, एक कर्मचारी को चोट
आग लगने के बाद मॉल की सिक्योरीटी और स्टोर की तरफ से भी आग को बुझाने की कोशिश की गई। लेकिन कामयाबी नहीं मिली इसका एक बड़ा कारण लाइट कटना भी रहा। चीफ फायर ऑफिसर अमजद ने बताया कि जैसे ही हमारी टीम यहां पहुंची तो इनका स्प्रिंकलर सिस्टम चालू था लेकिन आग ज्यादा थी ऐसे में उससे कोई मदद नहीं मिली। वहीं दूसरी तरफ आग लगने की सूचना के बाद यहां की लाइट भी कट कर दी गई, जिसके चलते यहां के पंप बंद हो गए थे जिसकी वजह से यहां के लोग आग को नहीं बुझा सके और प्रशासन को सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकले तो मौके पर पहुंची लेकिन तब तक आग काफी फैल गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग से स्टोर में करोड़ो का नुकसान हुआ है। वहीं आग बुझाने के दौरान एक कर्मचारी ललित सेन के सिर में चोट लग गई। उसके सिर पर कांच गिर गया था गनीमत रही कि ज्यादा चोट नहीं आई लेकिन सिर से खून निकलने लगा था। आग सैंकड फ्लोर पर, अंडरग्राउंड बाजार में भरा पानी
इधर आग लगने के बाद आग को बुझाने के प्रयास के दौरान काफी पानी अंडरग्राउंड बाजार में फैल गया। सिटी मॉल में अंडरग्राउंड में पालिका बाजार है। यहां पानी भरने की वजह से इस ब्लॉक को बंद कर दिया गया। स्थिति यह हो गई कि दुकानदारों तक को अंदर नहीं जाने दिया जा रहा था। दुकानदारों का कहना था कि उनका काफी सामान दुकानों में है, काफी सामान नीचे पड़ा हुआ है। अंदर तीन से चार फीट पानी भर गया है ऐसे में काफी नुकसान उनका भी होने की आशंका बनी हुई है। दुकानदार आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि उसकी पालिका बाजार में मोबाइल एसेसिरिज की दुकान है। अंदर से सामान तक नहीं निकालने दे रहे हैं। अंदर करीब पांच से 6 लाख का सामान पड़ा हुआ है। वहीं कपड़ो की दुकान चलाने वाले विवेक आरोडा ने बताया कि नीचे पानी भरा हुआ है और हमे जाने नहीं दिया जा रहा है। सामान को हम काउंटर पर रखना चाह रहे है लेकिन वह भी नहीं करने दिया, अब हमारे नुकसान की आशंका है। वहीं थर्ड फ्लोर पर फूड कोर्ट चलाने वाले मदन ने बताया कि अचानक आग लगने के बाद अंदर धुआं फैलने लगा। जिसकी वजह से हडकंप मच गया। मैने तुरंत कर्मचारियों को बाहर निकाला और गैस को बंद कर मैं भी नीचे की तरफ भागा और मैनेजमेंट को कॉल किया। कोचिंग संस्थान तक पहुंचा धुआं, बच्चों की की छुटटी
आग लगने के समय सीटी मॉल के पीछे की तरफ स्थित कोचिंग संस्थान को भी खाली कर दिया गया। कोचिंग संस्थान से जुडे़ प्रतिनिधियों ने बताया कि धुआं कोचिंग की तरफ आने लगा था और प्रशासन की तरफ भी अलर्ट किया गया था। ऐसे में सुरक्षा की दृष्टि को देखते हुए तुरंत भवन को खााली करवा लिया गया। बच्चो को कोचिंग से बाहर निकाल लिया गया और उनकी छुटटी कर दी गई। इसके बाद स्टाफ को भी बिल्डिंग से बाहर निकाल दिया गया था क्योंकि धुआं पीछे की तरफ भी आ रहा था। शाम तक बच्चों की छुटटी कर दी गई है।