कोटा संभाग में मानसून की बेरुखी ने लोगों को गर्मी और उमस से परेशान कर दिया है। आषाढ़ बीतने और सावन की शुरुआत के बाद भी कोटा वासियों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार शाम को हुई बारिश के बाद से ही शहर में बारिश का इंतजार लंबा होता जा रहा है। हालांकि, मौसम विभाग का अनुमान है कि रविवार दोपहर बाद मौसम का मिजाज बदल सकता है और बौछारें पड़ने से लोगों को राहत मिल सकती है। रविवार सुबह कोटा में मौसम में बदलाव तो नजर आया लेकिन बारिश नहीं है। हवा नहीं चलने से उमस बढ़ी सुबह से आसमान में बादल छाए हुए हैं और धूप नहीं निकली, लेकिन इसके बावजूद राहत नहीं मिली। हवा की रफ्तार पूरी तरह थम जाने के कारण वातावरण में उमस (ह्यूमिडिटी) का ग्राफ ऊपर है। मौसम विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक, इस साल जुलाई महीने में कोटा में मानसून उम्मीद के मुताबिक नहीं बरसा है। अब तक 126.9 एमएम बारिश दर्ज बारिश के आंकड़ों में पिछले साल की तुलना में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इस साल अब तक मात्र 126.9 एमएम बारिश दर्ज की गई है। जबकि पिछले साल कोटा में 19 जुलाई तक 738.02 एमएम बारिश हुई थी। यानी कि पूरे साल के औसत से ज्यादा पानी बरसा था। जिससे कई कॉलोनियों में पानी भर गया था। पिछले साल के मुकाबले इस बार अब तक करीब 83 फीसदी कम बारिश हुई है। शाम तक हो सकती है बारिश यही कारण है कि बांधों का जलस्तर उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ पाया है। मौसम केंद्र के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और मध्य प्रदेश के ऊपरी हिस्से में बने चक्रवाती तंत्र के असर से कोटा और आसपास के इलाकों में स्थानीय स्तर पर घने बादल छा रहे हैं। हालांकि हवा का दबाव कम होने से रविवार सुबह बरसात नहीं हुई, लेकिन दोपहर बाद या शाम तक हवाओं का रुख बदलने और मेघ गर्जन के साथ अच्छी बारिश होने की पूरी संभावना है। अगर आज दोपहर बाद सिस्टम सक्रिय होता है, तो तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है।