कोटपूतली जिले में शनिवार को कोटपूतली के मुख्य चौराहे पर आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर अपर्णा गुप्ता ने महात्मा ज्योतिबा फुले की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर इन आयोजनों का उद्घाटन किया। इस अवसर पर कलक्टर ने कहा कि भारतीय इतिहास में अनेक महान व्यक्तित्व हुए हैं जिन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई और परिवर्तन की राह दिखाई। उन्होंने महात्मा ज्योतिबा फुले को आधुनिक भारत के अग्रणी समाज सुधारकों में से एक बताया, जिन्होंने जाति प्रथा, बाल विवाह, महिला शिक्षा की कमी और छुआछूत जैसी सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध संघर्ष किया। सामाजिक क्रांति का प्रतीक बताया कलक्टर गुप्ता ने फुले और उनकी पत्नी सावित्रीबाई फुले के जीवन को सामाजिक क्रांति का प्रतीक बताया। उन्होंने शिक्षा को समाज सुधार का सबसे सशक्त माध्यम मानते हुए महिलाओं और दलित वर्ग के लिए शिक्षा के द्वार खोले। उस दौर में जब लड़कियों की शिक्षा को गलत माना जाता था, उन्होंने अपनी पत्नी के साथ मिलकर पहला बालिका विद्यालय स्थापित किया। उनके विचार आज भी समाज को समानता, शिक्षा और मानवता की दिशा में प्रेरित करते हैं। कार्यक्रम में कोटपूतली के एसडीएम जगदीश प्रसाद, तहसीलदार रामधन गुर्जर, नगर परिषद आयुक्त अरुण शर्मा, नगर परिषद सचिव अभिषेक सैनी सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी और आमजन उपस्थित रहे। अंबेडकर जयंती पर भी होंगे कार्यक्रम आगामी कार्यक्रमों के तहत 12 अप्रैल को जिले और ब्लॉक स्तर पर डॉ. अंबेडकर के जीवन परिचय और संविधान विषयक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे। इनमें "संविधान को जानें" ऑनलाइन क्विज, वाद-विवाद और निबंध प्रतियोगिताएं शामिल हैं। 13 अप्रैल को स्वच्छता एवं सामाजिक समरसता पर संगोष्ठी, व्याख्यान, छात्रावासों और आवासीय स्कूलों में ड्राइंग प्रदर्शन और स्वच्छता अभियान चलाए जाएंगे। इस दिन पेंटिंग प्रतियोगिता और अन्य गतिविधियां भी होंगी। इन कार्यक्रमों का समापन 14 अप्रैल को डॉ. अंबेडकर जयंती समारोह के साथ होगा, जिसमें संविधान की प्रस्तावना का वाचन और संविधान शपथ दिलाई जाएगी।