मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव करते हुए नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी), नई दिल्ली ने ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन रेगुलेशन-2023 में अहम संशोधन की अधिसूचना जारी की है। इस फैसले से देशभर में एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है। एजुकेशन एक्सपर्ट देव शर्मा ने बताया कि इस संशोधन में तीन प्रमुख बदलाव किए गए हैं, जो मेडिकल कॉलेजों के विस्तार और नई संस्थाओं की स्थापना को आसान बनाएंगे। पढ़िए, 3 प्रमुख बदलाव 1- एमबीबीएस सीटों में वृद्धि की अधिकतम सीमा, जो पहले 150 सीटों तक सीमित थी, अब पूरी तरह हटा दी गई है। यानी अब मेडिकल कॉलेज अपनी क्षमता और इंफ्रास्ट्रक्चर के आधार पर इससे ज्यादा सीटों के लिए भी आवेदन कर सकेंगे। 2- पहले 10 लाख की आबादी पर अधिकतम 100 एमबीबीएस सीटों का प्रावधान था, जिसे भी समाप्त कर दिया गया है। अब सीटों की संख्या का आबादी से कोई सीधा संबंध नहीं रहेगा। 3- कॉलेज और उससे जुड़े अस्पताल के बीच दूरी को लेकर नियमों में संशोधन किया गया है। पहले दोनों के बीच यात्रा का समय 30 मिनट से अधिक नहीं होना चाहिए था, लेकिन अब इसे बदलकर अधिकतम 10 किलोमीटर दूरी कर दिया गया है। वहीं पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों के लिए यह सीमा 15 किलोमीटर तय की गई है। बायोलॉजी-संकाय की ओर स्टूडेंट्स का बढ़ेगा रुझान देव शर्मा का कहना है कि इन संशोधनों से मेडिकल शिक्षा क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा और नए कॉलेजों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही डॉक्टरों और मेडिकल फैकल्टी के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि एमबीबीएस सीटों में बढ़ोतरी से बायोलॉजी संकाय के प्रति स्टूडेंट्स का रुझान भी तेजी से बढ़ेगा, जिससे भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी। देव शर्मा ने बताया कि नेशनल मेडिकल कमीशन-एनएमसी, नई दिल्ली की ओर से जारी की गई संशोधन अधिसूचना स्वागत योग्य है। संशोधन के बाद प्राइवेट मेडिकल संस्थान उपलब्ध इंफ्रास्ट्रक्चर के आधार पर 150 से ज्यादा एमबीबीएस-सीटों की स्थापना के लिए आवेदन कर सकेंगे। देव शर्मा ने बताया कि एमबीबीएस-सीटों की संख्या में वृद्धि की अधिकतम सीमा हटाए जाने के कारण मेडिकल संस्थानों की स्थापना एवं विस्तार के लिए निवेश भी बढ़ेगा और चिकित्सकों एवं चिकित्सा शिक्षकों के लिए अवसर भी बढ़ेंगे। एमबीबीएस-सीटों की संख्या में बढोत्तरी होने से विद्यार्थियों का बायोलॉजी की और रुझान भी बढ़ेगा।