गायत्री परिवार राजसमंद के तत्वावधान में रविवार को ब्रह्मपुरी चौराहे पर नारी जागरण सम्मेलन हुआ। महिलाओं को परिवार और समाज में संस्कारों का महत्व बताया गया। तहसील स्तर की महिला कार्यकारिणी का गठन हुआ। सदस्यों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं। नारी शक्ति टोली नायक सीता जोशी ने कहा कि परिवार को संस्कारवान बनाने में महिला की भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने गर्भ संस्कार पर बात रखी। कहा कि गर्भावस्था में गीता, रामायण, महाभारत जैसे धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन से सकारात्मक विचारों का असर गर्भस्थ शिशु पर पड़ता है। इससे संस्कारित पीढ़ी बनती है। उन्होंने महिलाओं से आचरण और जीवन मूल्यों से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की अपील की। तहसील महिला संयोजक कैलाशदेवी गुर्जर ने गृहस्थ जीवन को तपोवन बताया। कहा कि सफल पारिवारिक जीवन के लिए संयम, सेवा, सहिष्णुता, सद्भाव जरूरी हैं। कार्यक्रम में मंजू गर्ग, लक्ष्मीदेवी पालीवाल, जमनादेवी पालीवाल, शारदा सेन, कमला पालीवाल, अन्नपूर्णा आचार्य सहित कई महिलाएं शामिल हुईं। प्रवीण बावेल ने बताया कि जिले की हर तहसील में हर रविवार नारी जागरण सम्मेलन होंगे। लक्ष्य महिलाओं को संगठित करना है। युवा पीढ़ी में संस्कारों का प्रसार करना है। तहसील स्तर पर महिला कार्यकारिणी बनाकर पंचायत स्तर तक गतिविधियां बढ़ानी हैं। सम्मेलन में चारभुजा तहसील की महिला कार्यकारिणी बनाई गई। हर पंचायत में नियमित नारी जागरण कार्यक्रम करने का संकल्प लिया। अधिक से अधिक महिलाओं को गायत्री परिवार से जोड़ने की बात रखी गई। इस दौरान रामचंद्र गुर्जर, सोहनलाल पालीवाल, बद्रीलाल पालीवाल, शेरसिंह सैनी, नाथूलाल पालीवाल, संपत पालीवाल, तिलकेश पालीवाल, बंशीलाल पालीवाल, संपतकुमार पालीवाल सहित महिलाएं और नागरिक मौजूद थे।