श्रीगंगानगर। राज्य सरकार ने सरकारी स्कूलों में मिड-डे-मील को सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के लिए एक पहल की है। इसके तहत स्कूलों में पुराने और जर्जर हो चुके किचन उपकरणों को हटाकर नए संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। स्कूल अपनी जरूरत के अनुसार बर्तन और कुकिंग उपकरण खुद खरीद सकेंगे। स्कूलों को बजट विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर दिया जाएगा। मिड-डे मील (पीएम पोषण योजना) के तहत जारी इस व्यवस्था में पांच साल या उससे अधिक पुराने चूल्हे, बर्तन, कंटेनर और अन्य उपकरणों को बदला जाएगा। मिड-डे मील कार्यक्रम आयुक्तालय ने इस संबंध में प्रारंभिक जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। विद्यालयों से प्रस्ताव प्राप्त होने के बाद ही बजट जारी कर खरीद प्रक्रिया शुरू होगी। सरकार ने बजट निर्धारण विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर किया है। 50 विद्यार्थियों तक के स्कूलों को 10 हजार रुपए, 51 से 150 तक 15 हजार रुपए, 151 से 250 तक 20 हजार रुपए और 250 से अधिक विद्यार्थियों वाले स्कूलों को 25 हजार रुपए तक का बजट दिया जाएगा। कई स्कूलों में पुराने और खराब बर्तनों के कारण भोजन की गुणवत्ता प्रभावित हो रही थी।