भास्कर संवाददाता | पाली जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में शनिवार को मंत्री जोराराम कुमावत और सांसद पीपी चौधरी ने अफसरों को फटकार लगाई। बैठक में उस समय सन्नाटा छा गया, जब सांसद पीपी चौधरी ने कहा कि कागजों में विकास दिखाकर जनता को गुमराह करना बंद करें, अब धरातल पर काम दिखना चाहिए। सांसद चौधरी ने कहा कि गारंटी पीरियड में ही सड़कें टूट रही हैं, अस्पतालों में सुविधाएं सवालों के घेरे में हैं और नगर निगम सफाई के नाम पर केवल आंकड़े पेश कर रहा है। उन्होंने अतिक्रमण हटाने और नालों की सफाई के निर्देश दिए। कलेक्टर रवींद्र गोस्वामी ने प्रगति रिपोर्ट पेश की, लेकिन हाल ही में पदभार संभालने के कारण कई सवालों के जवाब स्पष्ट नहीं दे सके। विधायक भीमराज भाटी, मारवाड़ विधायक केसाराम चौधरी और सोजत विधायक शोभा चौहान ने भी क्षेत्रों की समस्याएं रखीं। विधायक भीमराज भाटी ने कहा कि जनता की समस्याओं को नजरअंदाज करना अब बर्दाश्त नहीं होगा। पाली-जोधपुर रोड पर दो टोल नाकों का मुद्दा गरमाया, जिसमें एक टोल हटाने की मांग पर तकनीकी और कानूनी बहाने खड़े किए जा रहे हैं। भाटी ने कहा कि पुराने अनुबंध और लिखित सहमति को ढाल बनाकर जनता को परेशान किया जा रहा है। रोहट क्षेत्र में पाइपलाइन से पानी न पहुंचाने और टैंकरों पर निर्भर रहने पर जलदाय विभाग के अधिकारियों को जमकर फटकारा। उन्होंने स्पष्ट कहा, “बांध भरा है, फिर भी जनता को पानी क्यों नहीं मिल रहा? उन्होंने पाली डिपो की नई बसों को चौराई रूट पर चलाने की मांग उठाई। कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि बहानेबाजी बंद करें और काम का परिणाम जनता को दिखना चाहिए, अन्यथा सख्त कार्रवाई होगी। गर्मी से पहले पेयजल संकट को लेकर उन्होंने जलदाय विभाग को कड़े निर्देश दिए कि हर हाल में समय पर पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। बिजली विभाग को झूलते तार और कमजोर पोल तुरंत ठीक करने के निर्देश दिए गए। सांसद चौधरी ने कहा कि किसी हादसे का इंतजार करना गैरजिम्मेदारी है। वहीं चिकित्सा विभाग पर भी सवाल उठे, बांगड़ अस्पताल में ऑक्सीजन और उपकरणों की कमी पर नाराजगी जताई गई और व्यवस्थाएं सुधारने को कहा गया। पीडब्ल्यूडी विभाग की भी खिंचाई हुई। गारंटी अवधि में सड़कों के खराब होने पर सवाल उठाते हुए अधूरे प्रोजेक्ट जल्द पूरे करने के निर्देश दिए गए।