जैसलमेर में जेसूराणा और भैरवा गांव के पास 132 KV टावर गिरने से बिजली-पानी का संकट गहरा गया है। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विभाग (PHED) के AEN देवीलाल भील के अनुसार, 4 जुलाई को रात 8 बजे और 6 जुलाई को दोपहर 3.30 बजे आए तेज तूफान से ये परेशानी हुई है। इस वजह से मोहनगढ़ नहरी हेडवर्क्स की बिजली सप्लाई पूरी तरह ठप है। विभाग ने साफ किया है कि जैसलमेर शहर में अब पानी की सप्लाई सामान्य समय से 72 घंटे की देरी से होगी। अफसरों ने जनता से पानी का सीमित उपयोग करने को कहा है। 3 दिन की देरी से होगी सप्लाई पानी के मुख्य प्लांट में बिजली न होने से पानी की लिफ्टिंग और फिल्टरिंग का काम पूरी तरह रुक गया है। शहर के कई वार्डों में पिछले 6 दिनों से पानी न आने के कारण नाराज लोग बुधवार को बीपी टैंक पहुंचे थे। विभाग ने साफ किया है कि तकनीकी टीमें युद्ध स्तर पर काम कर रही हैं, लेकिन जब तक बिजली पूरी तरह चालू नहीं होती, तब तक जैसलमेर शहर की पेयजल सप्लाई अपने तय समय से 72 घंटे (3 दिन) की अतिरिक्त बढ़ोतरी के साथ की जाएगी। अफसरों की जनता से अपील सहायक अभियंता (AEN) देवीलाल भील ने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा- कि यह एक प्राकृतिक आपदा का समय है। संकट बड़ा है, इसलिए सभी नागरिक पानी को व्यर्थ न बहाएं। उपलब्ध पानी का बहुत ही कम और सीमित मात्रा में उपयोग करके प्रशासन का सहयोग करें।