कोटा में रि वाइल्डेड बाघिन MT-7 को 21 हेक्टेयर के एनक्लोजर से छुटकारा मिल गया है। मंगलवार को सुबह 9 बजे बाघिन को खुले जंगल में छोड़ दिया गया है। बाघिन को पिछले साल अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क से मुकंदरा हिल्स में शिफ्ट किया गया था। बाघिन MT-7 की निगरानी रेडियो टेलीमेट्री और कैमरा ट्रेप से रखी जाएगी। मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक राजस्थान द्वारा बाघिन को खुले जंगल में रिलीज करने की परमिशन के बाद मंगलवार को बाघिन को 82 वर्ग किलोमीटर के जंगल में रिलीज किया गया। अब वो खुले जंगल में घूम सकती है। बाघिन MT -7 को फरवरी-2026 में किया था एनक्लोजर में शिफ्ट सीसीएफ सुगनाराम जाट ने बताया- बाघिन MT -7 को इसी साल फरवरी महीने में 5 से 21 हेक्टेयर एनक्लोजर में रिलीज किया। तब से बाघिन एनक्लोजर में घूम रही थी। इस दौरान मॉनिटरिंग टीम ने बाघिन के शिकार की क्षमता, व्यवहार सहित अन्य चीजों का आंकलन किया। टीम की रिपोर्ट के बाद मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक राजस्थान द्वारा बाघिन को प्राकृतिक आवास में छोड़े जाने का निर्णय लिया गया। बाघिन शाम 6 बजे एनक्लोजर से बाहर निकली मंगलवार सुबह 9 बजे के आसपास मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के 21 हेक्टेयर के बाड़े के गेट खोल दिए गए। बाघिन शाम 6 बजे के आसपास एनक्लोजर से बाहर निकलकर खुले जंगल में चली गई। बाघिन की गतिविधियों की निगरानी के लिए आधुनिक रेडियो टेलीमेट्री, कैमरा ट्रेप और फील्ड मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है। इस मौके पर मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के क्षेत्र निदेशक, उप क्षेत्र निदेशक, सहायक वन संरक्षक, क्षेत्रीय वन अधिकारी, फील्ड स्टाफ और मॉनिटरिंग टीम मौजूद रही। बाघिन MT-7 मुकंदरा के 5 हेक्टेयर के एनक्लोजर में 14 महीने रही बता दें, रणथंभौर में बाघिन टी 114 की मौत के बाद उसके 2 शावकों (एक नर और एक मादा) को 1 फरवरी 2023 को कोटा के अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में लाया गया था। उस समय शावकों की उम्र ढाई महीने थी। पार्क में वनकर्मियों ने उनका पालन-पोषण किया और रिवाइल्डिंग की लंबी प्रक्रिया चली। इसके बाद नर शावक को 4 दिसंबर 2024 को बूंदी के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिज़र्व में छोड़ा गया। मादा शावक, जिसे बाघिन MT-7 के नाम से जाना जाता है, को इसके सात दिन बाद मुकंदरा में ट्रांसफर किया गया था। 14 महीने तक बाघिन MT-7 मुकंदरा के 5 हेक्टेयर के एनक्लोजर में रही। जहां उसने कई शिकार किए। इसी साल फरवरी में उसे 21 हेक्टेयर के बड़े बाड़े में छोड़ा गया था। --------------------------------------- ये खबर भी पढ़े-- कोटा के 21 हेक्टेयर के जंगल में घूमेगी बाघिन MT-7:रेडियो कॉलर से रखेंगे नजर; 14 महीनों से 5 हेक्टेयर के एनक्लोजर में रह रही थी कोटा में अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क से पिछले साल मुकंदरा में शिफ्ट की गई बाघिन को 5 हेक्टेयर के बाड़े से छुटकारा मिल गया है। अब वो थोड़े बड़े जंगल में घूम सकती है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) द्वारा बाघिन को बाड़े से रिलीज करने की परमिशन के बाद आज बाघिन को 5 हेक्टेयर के बाड़े से 21 हेक्टेयर के जंगल में रिलीज किया गया। (पूरी खबर पढ़ें…)