नागौर नगर परिषद सभापति पद को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। भाजपा के निर्वाचित पार्षद आबूरोड के एक रिसॉर्ट में ठहरे हैं। जहां पार्टी के संगठन पदाधिकारी लगातार बैठकें कर रहे हैं। पार्षदों से सभापति और उपसभापति पद को लेकर वन-टू-वन बातचीत कर रायशुमारी ली जा रही है। माना जा रहा है कि दोनों पदों के लिए नाम तय करने की प्रक्रिया अब अंतिम दौर में पहुंच गई है। सूत्रों के अनुसार भाजपा जिलाध्यक्ष रामधन पोटलिया और जिला संगठन प्रभारी जगत नारायण जोशी पार्षदों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उनका फीडबैक ले रहे हैं। इस दौरान सभापति पद के संभावित चेहरे के साथ बोर्ड गठन की रणनीति पर भी चर्चा की जा रही है। सभापति के लिए संतोष टाक का नाम सबसे आगे भाजपा खेमे में सभापति पद के लिए संतोष टाक का नाम सबसे मजबूत दावेदार के तौर पर सामने आया है। पार्टी के अंदर उनके नाम पर सहमति बनने की स्थिति बताई जा रही है। हालांकि भाजपा संगठन ने अभी तक सभापति पद के लिए किसी नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। वहीं उपसभापति पद के लिए शिवकुमार राव (मीकू) और रामकुमार भाटी के नाम चर्चा में हैं। पार्टी स्तर पर दोनों नामों को लेकर रायशुमारी की जा रही है। माना जा रहा है कि मंगलवार देर रात या बुधवार को सभापति और उपसभापति पद के नामों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है। कांग्रेस में भी चेहरा तय नहीं, पाला बदलने की चर्चाएं दूसरी ओर कांग्रेस खेमे में भी सभापति पद के लिए अब तक किसी एक चेहरे पर सहमति नहीं बन पाई है। इसी बीच कांग्रेस के कुछ निर्वाचित पार्षदों के भाजपा खेमे के संपर्क में होने की चर्चाओं ने सियासी हलचल और बढ़ा दी है। सोशल मीडिया पर कांग्रेस के कुछ विजयी पार्षदों की भाजपा खेमे के लोगों के साथ बातचीत की तस्वीरें सामने आने के बाद पाला बदलने की अटकलें तेज हो गई हैं। 60 वार्डों में निर्दलीय सबसे ज्यादा, बहुमत से 10 सीट दूर भाजपा नगर परिषद के 60 वार्डों के चुनाव परिणाम में निर्दलीय सबसे बड़े समूह के रूप में उभरे हैं। निर्दलीयों ने 23 वार्डों में जीत दर्ज की है। भाजपा को 21, कांग्रेस को 15 और RLP को एक सीट मिली है। सभापति बनाने के लिए 31 पार्षदों का समर्थन जरूरी है। भाजपा 21 सीटों के साथ सबसे बड़ा राजनीतिक दल है। ऐसे में निर्दलीय पार्षदों के समर्थन या किसी अन्य खेमे के पार्षदों के साथ आने की स्थिति में भाजपा बोर्ड बनाने की स्थिति में पहुंच सकती है। यही वजह है कि दोनों प्रमुख दलों की नजर निर्दलीय पार्षदों पर भी बनी हुई है। मंगलवार को नहीं हुआ नामांकन सभापति पद के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन मंगलवार को भाजपा और कांग्रेस दोनों की ओर से कोई नामांकन दाखिल नहीं किया गया। नामांकन जमा कराने की अंतिम समय सीमा बुधवार दोपहर 3 बजे तक है। ऐसे में अब बुधवार का दिन नागौर नगर परिषद की सियासत के लिए अहम माना जा रहा है। भाजपा के आबूरोड रिसॉर्ट में चल रहे मंथन, कांग्रेस खेमे की गतिविधियों और निर्दलीय पार्षदों के रुख के बीच सभापति पद की तस्वीर नामांकन के बाद काफी हद तक साफ होने की उम्मीद है। हालांकि अंतिम फैसला सभापति चुनाव के दौरान ही होगा।