नागौर में कॉमर्शियल और एजुकेशनल संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था की जांच की जा रही है। मंगलवार को एसडीएम और नगर परिषद के कार्यवाहक आयुक्त गोविंद सिंह भींचर के नेतृत्व में शहर के मॉल, कोचिंग सेंटर और अन्य बड़े कॉमर्शियल प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान गंभीर खामियां मिलने पर शहर के वी-मार्ट मॉल को मौके पर ही सीज कर दिया गया। दरअसल, उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद राजस्थान में भी सुरक्षा मानकों को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर है, जिसके बाद नागौर में भी प्रशासन अलर्ट मोड पर हैं। निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक टीम ने फायर एनओसी, अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता, आपातकालीन निकास, बेसमेंट के व्यावसायिक उपयोग और संकरे रास्तों सहित विभिन्न सुरक्षा मानकों की जांच की। कई संस्थानों में जरूरी सुरक्षा इंतजाम अधूरे मिलने और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संचालकों को नोटिस जारी कर निर्धारित समय सीमा में कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए। 120 संस्थानों को अंतिम चेतावनी कार्रवाई के बाद शहर के कॉमर्शियल प्रतिष्ठानों और कोचिंग संचालकों में हड़कंप मच गया। प्रशासन ने करीब 120 अन्य व्यावसायिक संस्थानों को अंतिम नोटिस जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि जिन प्रतिष्ठानों के पास वैध फायर एनओसी नहीं है या जहां अग्निशमन यंत्र चालू हालत में नहीं हैं, उन्हें तत्काल नियमों की पालना करनी होगी। निर्धारित समय में कमियां दूर नहीं करने पर सीजिंग और नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम बोले- सुरक्षा से समझौता नहीं होगा एसडीएम एवं नगर परिषद के कार्यवाहक आयुक्त गोविंद सिंह भींचर ने कहा कि सीएम और राज्य सरकार के स्पष्ट निर्देश हैं कि आमजन और स्टूडेंट्स की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। जिन संस्थानों में फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी मिलेगी, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। यह अभियान आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा, जिससे जिले में किसी भी संभावित हादसे से पहले सभी व्यावसायिक और शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा मानकों की पूरी पालना सुनिश्चित की जा सके।