नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने 3 मई (रविवार) को होने वाली देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी-2026 के लिए अंतिम दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। एजेंसी ने परीक्षार्थियों को विशेष चेतावनी दी है कि वे परीक्षा केंद्रों की लोकेशन के लिए केवल गूगल मैप पर निर्भर न रहें। तकनीकी त्रुटियों के कारण कुछ केंद्रों की लोकेशन मैप पर अस्पष्ट हो सकती है, इसलिए छात्र एडमिट कार्ड पर दिए गए पते की भौतिक पुष्टि पहले ही कर लें, ताकि परीक्षा के दिन देरी न हो। एजुकेशन एक्सपर्ट देव शर्मा ने बताया कि इस साल 22.79 लाख विद्यार्थी मैदान में हैं। उन्होंने बताया कि यह परीक्षा न केवल ज्ञान की, बल्कि 5 सी यानी कंटेंट, करेज, क्लेरिटी, कॉन्फिडेंस और कमिटमेंट की भी परीक्षा है। एनटीए ने स्पष्ट किया है कि पेपर लीक को लेकर सोशल मीडिया और टेलीग्राम पर चल रही खबरें पूरी तरह आधारहीन और अफवाह हैं। प्रश्नपत्र सुरक्षित रूप से केंद्रों तक पहुंच चुके हैं। परीक्षा के पहले और आखिरी 30 मिनट में नहीं मिलेगा बायो-ब्रेक n बायो-ब्रेक पर सख्ती : परीक्षा हॉल में अनुशासन बनाए रखने के लिए बायो-ब्रेक के नियम कड़े किए गए हैं। नीट यूजी-2026 के नियमों के तहत, परीक्षा शुरू होने के पहले एक घंटे और समाप्त होने से आधे घंटे पहले वॉशरूम जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। छात्र इस समय अंतराल के अनुसार खुद को तैयार रखें। n अंतिम समय के डिस्कशन से बचें : केंद्र में प्रवेश से पहले साथियों के साथ विषय पर चर्चा न करें। अलग-अलग राय कन्फ्यूजन पैदा करती है, जिसका असर आपकी परफॉर्मेंस पर पड़ सकता है। यह समय एकांत में मनन और ऊर्जा संचित करने का है। n तनाव का प्रबंधन : 3 घंटे 20 मिनट के इस सफर में निरंतर कमिटमेंट जरूरी है। यदि शुरुआती कुछ प्रश्न कठिन लगें, तो आत्मविश्वास न खोएं और अगले प्रश्नों पर ध्यान केंद्रित करें। निगेटिव मार्किंग से बचने के लिए उत्तरों में स्पष्टता रखें।