नेशनल टेस्टिंग एंजेसी ने नीट यूजी परीक्षा के लिए बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस निर्णय से नीट में शामिल होने जा रहे लाखों विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिली है। एजुकेशन एक्सपर्ट देव शर्मा के अनुसार, 29 अप्रैल को रात जारी नोटिफिकेशन में स्पष्ट किया गया है कि 3 मई को आयोजित परीक्षा से पहले स्टूडेंटस की सुरक्षा जांच के बाद बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन की प्रक्रिया की जाएगी, लेकिन अगर किसी कारण के चलते यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाती है, तो भी स्टूडेंटस को परीक्षा केन्द्र में एंट्री की अनुमति दी जाएगी। बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन एक तकनीकी प्रक्रिया है, जिसमें उपकरणों की खराबी, इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या या डाटा मैच न होने जैसी परेशानियां सामने आ सकती हैं। ऐसे में लास्ट समय पर विद्यार्थियों को तनाव का सामना करना पड़ता है। एनटीए के इस निर्णय से इन समस्याओं का सीधा असर परीक्षा पर नहीं पड़ेगा। किसी परीक्षार्थी का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन पूरा नहीं हो पाता है, तो उसे परीक्षा केंद्र पर एक लिखित अंडरटेकिंग देनी होगी। यह फॉर्मेट केंद्र पर ही उपलब्ध रहेगा। अंडरटेकिंग जमा करने के बाद विद्यार्थी को परीक्षा कक्ष में प्रवेश दे दिया जाएगा। एनटीए ने यह भी स्पष्ट किया है कि परीक्षा समय दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक के दौरान बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन को लेकर किसी भी प्रकार का व्यवधान नहीं किया जाएगा। इससे विद्यार्थी बिना किसी बाधा के शांतिपूर्वक परीक्षा दे सकेंगे। प्रश्नपत्र के स्तर से न घबराएं स्टूडेंटस नीट का आयोजन 3 मई, रविवार को होना है। परीक्षा नजदीक आते ही प्रश्नपत्र के स्तर को लेकर स्टूडेंटस में चर्चाएं और चिंता बढ़ना स्वाभाविक है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इसको लेकर घबराने की आवश्यकता नहीं है। एजुकेशन एक्सपर्ट देव शर्मा के अनुसार, प्रश्नपत्र का स्तर विद्यार्थियों के परसेंटेज को प्रभावित कर सकता है, लेकिन परसेंटाइल पर इसका कोई असर नहीं पड़ता। चूंकि चयन प्रक्रिया परसेंटाइल के आधार पर होती है, इसलिए प्रश्नपत्र आसान हो या कठिन, इससे अंतिम चयन प्रभावित नहीं होता। देव शर्मा ने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी कुछ प्रश्न अपेक्षाकृत कठिन हो सकते हैं, जैसा कि पिछले साल भी देखा गया था। ऐसे प्रश्नों से घबराने या उनमें अधिक समय लगाने से बचना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा में सभी प्रश्नों के अंक समान होते हैं, चाहे वे आसान हों या कठिन। ऐसे में 180 मिनट के निर्धारित समय में अधिक से अधिक प्रश्नों को सही हल करना जरूरी है। नीट-यूजी के प्रश्नपत्र में बॉटनी तथा जूलॉजी अलग-अलग विषय नहीं है, यहां विषय बायोलॉजी है। एनटीए-नई दिल्ली द्वारा जारी किए गए क्वेश्चन पेपर पैटर्न के अनुसार बायोलॉजी विषय से 90-प्रश्न, फिजिक्स तथा केमिस्ट्री दोनों ही विषयों से 45-45 प्रश्न पूंछे जाएंगे। प्रश्न पत्र में कुल प्रश्नों की संख्या 180 होगी, अधिकतम समय सीमा 180 मिनट होगी।