भास्कर संवाददाता | श्रीगंगानगर शहर में बुधवार से बाजार क्षेत्र में रात्रिकालीन सफाई शुरू की जाएगी। नगरपरिषद ने शहर के सभी प्रवेश द्वारों, मुख्य सड़कों और डिवाइडरों की सफाई बढ़ाने का भी फैसला किया है। घर-घर कचरा संग्रहण को शत-प्रतिशत करने और स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। यह निर्णय नगरपरिषद आयुक्त राकेश कुमार रंगा की अध्यक्षता में परिषद सभागार में हुई विशेष बैठक में लिया गया। बैठक में स्वच्छता व्यवस्था और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश भी दिए गए। यह भी निर्देश दिए गए: स्वच्छता सर्वेक्षण में सिटीजन फीडबैक बढ़ाए जाएं, कचरा सड़क पर फेंकने वालों पर जुर्माना लगाया जाए। विभिन्न स्थानों पर रंगोली बनाई जाए, घर-घर कचरा संग्रहण वाहन ट्रॉली/ऑटो टिप्पर द्वारा सुचारू रूप से प्रत्येक घर से कचरा संग्रहण करें। कचरा बीनने वालों का रजिस्ट्रेशन किया जाए। वाहनों पर जीपीएस सिस्टम लगाए जाएं। रोड चिन्हित किए जाएं। एंट्री पॉइंट्स की सफाई करवाई जाए। सामुदायिक सार्वजनिक शौचालय की प्रतिदिन दो बार सफाई की जाए। बेसहारा पशुओं को पकड़कर गोशाला भेजा जाए।बैठक में एक्सईएन मंगतराय सेतिया, एएफओ अमरेन्द्र सिंह, एईएन सुमित माथुर और स्वास्थ्य अधिकारी देवेन्द्र प्रताप सिंह राठौड़ मौजूद रहे। बैठक के बाद एडीएम सुभाष कुमार ने भी नगरपरिषद आयुक्त राकेश कुमार के साथ बैठक की। उन्होंने जल्द से जल्द शहर को साफ-सुथरा बनाने के निर्देश दिए। 5. राजस्व प्रबंधन: परिषद की आय व राजस्व प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए आयुक्त ने नए भवनों के सर्वे का कार्य शुरू करने को कहा है। पट्टे बनाए जाएं। लैंड यूज चेंज किया जाए। गंदगी फैलाने वालों से जुर्माना वसूला जाए। आवासीय से व्यावसायिक का सर्वे किया जाए। नगरपरिषद के पास आय होगी। तभी शहर में अच्छे से विकास कार्य करवाए जा सकेंगे। 1. सफाई व स्ट्रीट लाइटें दुरुस्त करना: आयुक्त राकेश कुमार ने कहा कि नगरपरिषद का मूल काम सफाई व प्रकाश की व्यवस्था करना है। शहर में रात्रिकालीन सफाई के साथ-साथ सभी मार्गों, वार्डों में बेहतर सफाई कराई जाए। बेसहारा पशुओं को पकड़कर नंदी व गोशालाओं में भिजवाया जाए। डिवाइडरों के साथ मिट्टी का उठाव किया जाए। घर-घर कचरा संग्रहण कार्य शत-प्रतिशत पूरा हो। सभी स्ट्रीट लाइटें दुरुस्त की जाएं। 2. प्रधानमंत्री आवास योजना: प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नगरपरिषद की स्थिति पर आयुक्त ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि सरकार से 1000 का टारगेट मिलता है। फिर 1000 फॉर्म पर ही फोकस क्यों रखा जाता है। पांच गुना लोगों से आवेदन लिए जाएं। कई लोगों के दस्तावेजों में कमी होगी। ऐसे में भी टारगेट 100 प्रतिशत पूरा हो जाएगा। 3. स्वच्छता रैंकिंग: आयुक्त ने स्वास्थ्य अधिकारी से कहा कि बीते वर्षों में शहर की स्वच्छता रैंकिंग बेहद निराशाजनक रही है। परिषद बेहतर काम करेगी। लोग भी स्वतः ही परिषद के कामकाज में सहयोग करने लगेंगे। जगह-जगह बनाए गए अस्थायी डंपिंग प्वाइंट्स को समाप्त किया जाए। वहां सुंदर पेंटिंग की जाए। दुकानें खुलने के बाद भी सफाई होनी चाहिए। 4. मानसून: नगरपरिषद के तकनीकी अधिकारियों से कहा गया कि मानसून में अधिक समय नहीं रहा है। ऐसे में सभी गड्ढों पर मोटरों को समय से पूर्व दुरुस्त करवा दिया जाए। लिंक चैनल को जाने वाली लाइन में एयर वॉल्व ठीक किए जाएं। टूटी सड़कों को दुरुस्त किया जाए। मानसून से पहले सभी नालों की अच्छे से सफाई हो जानी चाहिए। अधिकारी कार्य की मॉनिटरिंग भी करें।