श्रीगंगानगर| मजदूर दिवस पर शुक्रवार को जिलेभर के मजदूर अवकाश पर रहे। इस कारण धान मंडियों में भी कृषि जिंसों का कारोबार ठप रहा। मंडियों में चल रही न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं, चना व सरसों की खरीद भी ठप रही। मजदूरों के छुट्टी पर होने के कारण मंडियों में दिनभर वीरानी छाई रही। मंडियों में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद व उठाव का काम ठप रहा। गोदामों में भंडारण का काम भी नहीं हुआ। मजदूरों के अवकाश पर होने के कारण किसान भी मंडियों में कृषि जिंसें बेचने के लिए नहीं लाए। श्रीगंगानगर नई धानमंडी में एमएसपी पर गेहूं खरीद की पिड़ों व कवर शेडों के नीचे धांग लगी हुई है। एफसीआई के अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को खरीद व खरीदी गई गेहूं का उठाव कर गोदामों में भंडारण का काम तेजी से करवाया जाएगा। ताकि मंडी में जाम की स्थिति नहीं बने। इस बार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जा रही गेहूं की सरकारी खरीद में पुराने बारदाने का उपयोग किया जा रहा है। मंडियों में खरीद केंद्रों पर खरीदी गई गेहूं भरने के लिए एफसीआई की ओर से जूट का पुराना बारदाना उपलब्ध करवाया जा रहा है। जो कि किसानों एवं व्यापारियों के लिए परेशानी का सबब बन रहा है। श्रीगंगानगर मंडी के एक व्यापारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि एमएसपी पर गेहूं खरीद की समय सीमा समाप्त होने में सिर्फ 30 दिन ही बचे हैं। ऐसे में किसानों की गेहूं अधिक से अधिक तुले। इसे ध्यान में रखते हुए पुराना बारदाना खरीद एजेंसी से लेने को मजबूर हैं। एफसीआई की ओर से कटा-फटा बारदाना उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसे सिलाई कर इसमें गेहूं भरी जा रही है। वहीं, मजदूरों के लिए परेशानी यह है कि पुराने बारदाने के थैले ट्रकों में लादने व उतारते समय फट रहे हैं। मजदूरों ने बताया कि धांग लगाते समय धांग में कोई थैला फटा और धांग गिरी तो हादसा भी हो सकता है। मजबूरन सावधानी से गेहूं के थैलों का उठाव व गोदामों में धांग लगाने का कार्य किया जा रहा है।