सीकर में साइबर ठगी पर लगाम कसने के लिए पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। साफ चेतावनी दी गई है कि अगर किसी भी बैंक खाते में साइबर फ्रॉड की राशि का एक रुपया भी आता है तो संबंधित अकाउंट होल्डर और उसे किराए पर देने वाला दोनों कानूनी कार्रवाई के दायरे में आएंगे और उनके खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा। ‘ऑपरेशन म्यूल हंटर’ के तहत पुलिस ऐसे संदिग्ध खातों की पहचान कर रही है, जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी में किया जा रहा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी है। अगर किसी ने थोड़े से लालच के चक्कर में आकर बैंक अकाउंट किराए पर दिया तो आपके साथ अकाउंट किराए पर लेने वाला भी जेल जाएगा। 22 अप्रैल को सीकर की खाटूश्यामजी सदर थाना पुलिस ने आरोपी नागरमल बुरड़क और सुभाषचंद कस्वा के खिलाफ म्यूल हंटर ऑपरेशन के तहत आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। नागरमल के बैंक अकाउंट के खिलाफ कर्नाटक में साइबर फ्रॉड का मुकदमा दर्ज हुआ था। उसके अकाउंट में करीब 2.19 लाख रुपए फ्रॉड की राशि जमा हुई। इसके साथ ही आरोपी सुभाष के अकाउंट में फ्रॉड के करीब 16 हजार रुपए आए थे। इसके अलावा अब एसपी ऑफिस के निर्देश पर जिले के हर थाने में इस तरह के मुकदमे बनाए जा रहे हैं। ऑपरेशन म्यूल हंटर के तहत हो रही कार्रवाई एसपी प्रवीण नायक नूनावत ने बताया कि स्टेट साइबर क्राइम विंग से मिले इनपुट के आधार पर ऑपरेशन म्यूल हंटर के तहत आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। किसी अकाउंट में साइबर फ्रॉड की राशि आई है तो स्टेट साइबर क्राइम विंग उस अकाउंट को आईडेंटिफाई करके इनपुट शेयर करती है और उसके आधार पर मुकदमे दर्ज किए जाते हैं। अकाउंट किराए पर लेने-देने वालों के खिलाफ होगा मुकदमा SP नूनावत ने बताया कि कई बार हम देखते हैं कि थोड़े से पैसे के लालच में लोग अपना बैंक अकाउंट किसी को किराए पर दे देते हैं। ऐसे में अब अकाउंट लेने और देने वाले लोगों के खिलाफ भी मुकदमे होंगे। अब तक करीब 1500 से ज्यादा अकाउंट आइडेंटिफाई किए जा चुके हैं। जिनको लेकर जांच जारी है।