डीडवाना में बांगड़ कॉलेज के सह आचार्य डॉ. चेनाराम मुंदलिया द्वारा लिखित पुस्तक 'पंचायती राज और आरक्षण नीति' का विमोचन किया गया। यह पुस्तक पंचायती राज व्यवस्था में आरक्षण के विभिन्न पहलुओं, व्यावहारिक प्रभावों और नीतिगत बदलावों का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करती है। विमोचन समारोह में वक्ताओं ने पुस्तक की उपयोगिता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह कृति शिक्षकों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों और आम नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ ग्रंथ सिद्ध होगी। पुस्तक पंचायती राज संस्थाओं में आरक्षण व्यवस्था, लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण और नीति निर्माण से जुड़े विषयों को सरल एवं तथ्यात्मक रूप में समझने में सहायक होगी। लेखक ने अनुभव किए साझा लेखक डॉ. चेनाराम मुंदलिया ने पुस्तक लेखन के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि उनका उद्देश्य पंचायती राज व्यवस्था में आरक्षण संबंधी नीतिगत परिवर्तनों को सरल भाषा में समाज तक पहुंचाना है, ताकि पाठकों को इस विषय की गहन और प्रामाणिक जानकारी मिल सके। डॉ. मुंदलिया ने विश्वास व्यक्त किया कि यह पुस्तक नीति अध्ययन और सामाजिक विकास के क्षेत्र में उपयोगी साबित होगी। इस अवसर पर बांगड़ कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. मनीषा गोदारा, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. इरशाद अली खान, डॉ. के.के. मिश्रा, डॉ. सुरेश के. वर्मा, प्रो. सी.आर. मेघवाल, कैलाश राठौड़, मोनिका चौधरी, अनुराग झंवर और डॉ. भूराराम सहित कई शिक्षक तथा गणमान्य लोग मौजूद रहे।