करीब 20 साल बाद पांचना बांध की नहरों में नियमित जलापूर्ति बहाल होने का रास्ता साफ हो गया है। स्लूस गेटों की तकनीकी खामियां दूर करने के बाद गुरुवार को अधिकारियों की मौजूदगी में कमांड एरिया, नदी प्रवाह क्षेत्र और गुडला-पांचना लिफ्ट परियोजना की नहरों में पानी छोड़कर सफल टेस्ट रन किया गया। पूजा-अर्चना के साथ गेट खोले गए और अधिकारियों ने परीक्षण को पूरी तरह सफल बताया। अधिकारियों की मौजूदगी में सफल परीक्षण गुरुवार को पांचना बांध पर संभागीय आयुक्त नलिनी कठौतिया, जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता डी.के. अग्रवाल, करौली जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा, पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल, सवाई माधोपुर जिला कलेक्टर कानाराम तथा कमांड एरिया के किसान प्रतिनिधि मौजूद रहे। स्लूस गेटों की पूजा-अर्चना के बाद गुडला पटना संघर्ष समिति के अध्यक्ष अशोक सिंह धावाई सहित अन्य की उपस्थिति में गेट एक-एक कर खोले गए। इसके बाद पानी कमांड एरिया की नहरों, नदी के प्रवाह क्षेत्र और गुडला-पांचना लिफ्ट परियोजना की नहरों में छोड़ा गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा। तकनीकी खराबी बनी थी बाधा इससे पहले 6 जुलाई को लगभग 20 वर्ष बाद पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़ा गया था, लेकिन स्लूस गेटों में तकनीकी खराबी के कारण पर्याप्त जल निकासी नहीं हो सकी। इससे नाराज किसानों ने कई स्थानों पर जाम और धरना-प्रदर्शन किया था। बाद में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा और जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने किसानों से वार्ता कर 7 से 10 दिन में सभी गेट दुरुस्त कर दोबारा जलापूर्ति शुरू कराने का आश्वासन दिया था, जिसके बाद आंदोलन समाप्त हुआ। विशेषज्ञों ने दुरुस्त किए स्लूस गेट मंत्रियों के आश्वासन के बाद मथुरा, देवली और मुंबई से विशेषज्ञ तकनीशियन तथा डाइवर्स बुलाए गए। उनकी मदद से स्लूस गेटों की मरम्मत और तकनीकी खामियों को दूर किया गया। गुरुवार को मरम्मत के बाद किया गया टेस्ट रन पूरी तरह सफल रहा। किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ ग्राम उत्थान समिति के अध्यक्ष रघुवीर मीणा ने कहा कि नियमित जलापूर्ति शुरू होने से कमांड एरिया के किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा। उनके अनुसार इससे क्षेत्र में हर साल 200 करोड़ रुपये से अधिक के कृषि कारोबार की संभावना बनेगी। उन्होंने भविष्य में स्लूस गेटों को मोटराइज्ड कर स्वचालित प्रणाली से संचालित करने की मांग भी उठाई। अधिकारी बोले संभागीय आयुक्त नलिनी कठौतिया ने बताया कि स्लूस गेटों की तकनीकी खामियां दूर करने के बाद सफल टेस्ट रन किया गया है। इससे कमांड एरिया, नदी प्रवाह क्षेत्र और लिफ्ट परियोजना से जुड़े किसानों को सिंचाई के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी।